Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के नवीन परिसर में 1010 बिस्तरों वाला मल्टी स्पेशलिटी इमरजेंसी सेंटर बनाने की परियोजना को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है। यह परिसर राजधानी के शहीद पथ स्थित गोमती नगर विस्तार सेक्टर-7 में स्थित है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
सीएम योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो: एएनआई)
परियोजना पर होंगे 855 करोड़ खर्च
वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर 855 करोड़ चार लाख 34 हजार रुपये खर्च होंगे और इसके तहत अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इमरजेंसी अस्पताल के साथ नया ओपीडी ब्लॉक और 200 सीटों वाला टीचिंग ब्लॉक भी बनेगा। नया ओपीडी ब्लॉक मरीजों की बढ़ती संख्या और बेहतर उपचार व्यवस्था को ध्यान में रखकर बनाया जाएगा।
सुव्यवस्थित और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की सौगात
इससे प्रदेशवासियों को अधिक सुव्यवस्थित और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। वहीं टीचिंग ब्लॉक (शैक्षणिक खंड) में चिकित्सा छात्रों को आधुनिक तकनीक और संसाधनों से युक्त शिक्षण वातावरण मिलेगा, जिससे मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता सुधरेगी। अधिकारियों के अनुसार, नई चिकित्सा अवसंरचना के विकसित होने से गंभीर मरीजों को त्वरित और विशेषज्ञ उपचार मिल सकेगा। साथ ही प्रदेश के विभिन्न जिलों से राजधानी आने वाले मरीजों को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
लखनऊ मेट्रो फेज-1बी के लिए त्रिपक्षीय MoU को मंजूरी
कैबिनेट बैठक में लखनऊ मेट्रो परियोजना फेज-1बी के ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर, जो चारबाग से वसंतकुंज तक प्रस्तावित है, के लिए केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के बीच त्रिपक्षीय MoU को मंजूरी दे दी गई। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने जानकारी दी कि परियोजना की डीपीआर को पहले ही स्वीकृति मिल चुकी थी और अब 5801.05 करोड़ रुपये की लागत पर अंतिम सहमति प्रदान की गई है। उन्होंने बताया कि इस परियोजना में केंद्र और राज्य सरकार बराबर यानी 50-50 प्रतिशत की हिस्सेदारी निभाएंगे। चारबाग से वसंतकुंज तक बनने वाला यह नया मेट्रो कॉरिडोर राजधानी लखनऊ की यातायात व्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ लोगों को आधुनिक, सुरक्षित और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन सेवा उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाएगा।
ग्रामीण निकायों में ओबीसी आरक्षण के लिए बनेगा समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग
प्रदेश सरकार ने त्रिस्तरीय ग्रामीण निकायों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण तय करने के लिए “उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग” के गठन को मंजूरी दे दी है। यह निर्णय उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में लिया गया है। आयोग पंचायत चुनावों में पिछड़े वर्गों को आरक्षण देने के लिए उनके सामाजिक, राजनीतिक और प्रतिनिधित्व संबंधी पहलुओं का समकालीन तथा अनुभवजन्य अध्ययन करेगा। कैबिनेट बैठक में कुल 12 प्रस्ताव पेश किए गए, जिनमें सभी को स्वीकृति प्रदान कर दी गई। बैठक के बाद वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि आयोग प्रदेश में पिछड़े वर्गों की जनसंख्या, सामाजिक स्थिति, पंचायतों में उनकी भागीदारी और प्रतिनिधित्व का विस्तृत आकलन करेगा। इसके आधार पर आयोग निकायवार आनुपातिक आरक्षण तय करने के लिए अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपेगा।
