हिमाचल प्रदेश के लिए इस साल का मानसूनी सीजन अब तक काफी घातक रहा है। राज्यभर में लगभग साढ़ तीन सौ लोगों की मौत बारिश, बादल फटने, बाढ़ और लैंडस्लाइड के कारण हो चुकी है। तमाम सड़कें टूट चुकी हैं, जिससे दूर-दराज के इलाके राजधानी और आसपास के प्रमुख शहरों से कटे हुए हैं। आए दिन राज्य में बादल फटने और लैंडस्लाइड की घटनाएं सुनने को मिल रही हैं।
इस बीच कुल्लू जिले के अंतर्गत आने वाले आनी उपमंडल में आज यानी मंगलवार 2 सितंबर को लैंडस्लाइड की एक नई घटना सामने आई। यहां भूस्खलन की चपेट में आने से एक निर्माणाधीन भवन देखते ही देखते खाई में समा गया। गनीमत यह रही कि भवन पहले से ही खाली था, जिससे किसी तरह से जान-माल का नुकसान नहीं हुआ।
जानकारी के मुताबिक यह वही भवन है जो साल 2023 में लैंडस्लाइड की चपेट में आए भवनों के नजदीक स्थित था। दो साल पहले हुए हादसे के बाद से यह भवन खाली पड़ा हुआ था। ताजा भूस्खलन में यह भी मलबे की जद में आ गया।
इधर कुल्लू क्षेत्र के बेसिन में लगातार पहाड़ों से पत्थर गिरने का सिलसिला जारी है। हालांकि, प्रशासन ने इस सड़क को पहले ही बंद कर दिया था, लेकिन अब पत्थरों को सड़क में साइड करके आवाजाही शुरू की गई है, लेकिन बड़े-बड़े पत्थर अब भी सड़क पर पड़े हुए हैं।
ब्यास नदी में बढ़ता जलस्तर फिर से खतरे की घंटी बजा रहा है। यही कारण है कि प्रशासन भी मुस्तैद नजर आ रहा है और कुल्लू में लुघुड़ भट्टी के पास नदी में प्रशासन ने मशीन लगाई है और एक टापू बना कर पानी को डाइवर्ट किया जा रहा है, जिससे पानी का बहाव रिहायशी इलाकों में न घुस सके।
