मुंबई: परिवार के 4 लोगों की मौत मामले में ट्विस्ट, तरबूज में नहीं थी मिलावट, शरीर में जहरीला पदार्थ फैलने की आशंका

विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्थिति आम फूड पॉइजनिंग से अलग है। जब एक ही समय पर कई अंगों में इस तरह के बदलाव देखे जाते हैं, तो डॉक्टरों का मानना है कि यह इस बात का संकेत है कि शरीर में कोई जहरीला पदार्थ फैल गया है। इन नए खुलासों ने चारों लोगों की मौत को लेकर शक को और गहरा कर दिया है।

Mumbai Watermelon Death Case: मुम्बई के पायधुनि इलाके में तरबूज खाने से परिवार के चार सदस्यों की मौत मामले बड़ा अपडेट है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने (FDA) की जांच में पता चला है कि तरबूज में कोई मिलावट नहीं थी। FDA ने साफ किया है कि तरबूज का रंग, मिठास या उसका आकार बढ़ाने के लिए उसमें कोई कृत्रिम रंग या केमिकल इस्तेमाल नहीं किए गए थे। अब यह संभावना कम हो गई है कि मौतें तरबूज में मिलावट की वजह से हुई थीं।

Water melon case

मुंबई में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत मामले में नया अपडेट।

खाने के सैंपल में कोई मिलावट नहीं मिली

इसके अलावा, FDA की रिपोर्ट में कहा गया है कि डोकाडिया परिवार के घर से जब्त किए गए दूसरे खाने के सैंपल में अब तक कोई मिलावट नहीं पाई गई है। अब सारा ध्यान फोरेंसिक रिपोर्ट और बैक्टीरियल टेस्ट के नतीजों पर है। शुरुआती फोरेंसिक जांच से पता चला है कि मृतकों के जरूरी अंग हरे रंग के हो गए थे रिपोर्ट्स के मुताबिक, मृतकों के दिमाग, दिल और आंतों का रंग हरा हो गया था

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