NHAI Digital Local Pass : अगर आप अपने घर के आसपास बने नेशनल हाईवे टोल प्लाजा से अक्सर गुजरते हैं, तो यह खबर आपके बेहद काम की है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने स्थानीय निवासियों की सुविधा के लिए 'डिजिटल लोकल पास' की व्यवस्था का दायरा बढ़ा दिया है। अब देश भर के 130 टोल प्लाजा पर रहने वाले लोग अपने मोबाइल से ही घर बैठे महीने भर का लोकल पास बनवा सकते हैं। इस व्यवस्था के लागू होने से न केवल लोगों को रोजाना की टोल लाइनों से मुक्ति मिलेगी, बल्कि समय और पैसे की भी बचत होगी। NHAI का मुख्य उद्देश्य टोल प्लाजा पर बिना रुकावट के गाड़ियों की आवाजाही यानी 'मल्टी-लेन फ्री फ्लो' (MLFF) और बैरियर-मुक्त टोलिंग सिस्टम को मजबूत करना है।
क्या है NHAI का डिजिटल लोकल पास?
नेशनल हाईवे से गुजरने पर हर गाड़ी ड्राइवप को टोल टैक्स देना पड़ता है। लेकिन जो लोग किसी टोल प्लाजा के बिल्कुल करीब रहते हैं, उन्हें रोजाना काम के सिलसिले में कई बार उस प्लाजा को पार करना पड़ता है। ऐसे निवासियों के लिए NHAI ने एक सीमित शुल्क पर 'मंथली पास' (मासिक पास) की सुविधा दी है। डिजिटल लोकल पास इसी मंथली पास का एक आधुनिक और पेपरलेस रूप है। अब इस पास को बनवाने के लिए किसी टोल प्लाजा के दफ्तर में जाकर लंबी लाइनों में खड़े होने या कागजात जमा करने की जरूरत नहीं है। स्थानीय निवासी अब इसे सीधे 'राजमार्गयात्रा' (Rajmargyatra) ऐप के जरिए अपने मोबाइल से ऑनलाइन बनवा सकते हैं। एक बार पास बन जाने के बाद, संबंधित टोल प्लाजा से महीने भर में कितनी भी बार गाड़ी बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के निकाली जा सकती है।
कौन कर सकता है आवेदन? पात्रता के नियम
डिजिटल लोकल पास का लाभ उठाने के लिए NHAI ने स्पष्ट नियम तय किए हैं:-
- 20 किलोमीटर का दायरा:- केवल वही लोग इस सुविधा के पात्र हैं, जिनका स्थायी निवास स्थान संबंधित टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे (रेडियस) में आता है।
- गैर-व्यावसायिक वाहन:- यह सुविधा केवल निजी और गैर-व्यावसायिक वाहनों जैसे कार, जीप या वैन आदि के लिए उपलब्ध है। कमर्शियल गाड़ियों पर यह पास मान्य नहीं होगा।
- सत्यापित दस्तावेज:- आवेदक का पता और वाहन का डिटेल सरकारी डेटाबेस से मेल खाना चाहिए।
FASTag अनिवार्य:- वाहन में चालू हालत में FASTag लगा होना चाहिए, क्योंकि डिजिटल पास आपके इसी FASTag से लिंक होगा।
कितना लगेगा चार्ज?
राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ता शुल्क नियमों के अनुसार, पात्र स्थानीय निवासी के लिए इस मंथली पास की फीस 350 रुपये तय की गई है। 350 रुपये का यह पास एक महीने के लिए वैध होता है। इसे रिचार्ज या रिन्यू कराकर स्थानीय निवासी उस महीने में जितनी बार चाहें, अपने संबंधित टोल प्लाजा को पार कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें बार-बार अलग से टोल टैक्स नहीं चुकाना पड़ेगा।
डिजिटल सिस्टम कैसे करता है काम?
पहले के समय में स्थानीय पास बनवाने के लिए निवासियों को टोल प्लाजा के चक्कर लगाने पड़ते थे, वहां जाकर आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और गाड़ी के आरसी की फोटोकॉपी जमा करनी पड़ती थी। इसमें काफी समय बर्बाद होता था। लेकिन नया डिजिटल सिस्टम पूरी तरह से DigiLocker और VAHAN पोर्टल से जुड़ा हुआ है। जैसे ही आप ऐप में अपना वाहन नंबर और डिटेल इंटर करते हैं, सिस्टम सीधे 'VAHAN' डेटाबेस से आपकी गाड़ी की जानकारी निकाल लेता है। 'DigiLocker' के जरिए आपके घर का पता अपने आप वेरीफाई हो जाता है। सिस्टम यह जांचता है कि आपका पता टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के भीतर है या नहीं। वेरिफिकेशन पूरा होते ही यह पास आपके FASTag से सीधे जुड़ जाता है। यह पूरी प्रक्रिया महज कुछ ही मिनटों में पूरी हो जाती है और इसमें किसी भी तरह की कागजी कार्रवाई या इंसानी जांच की जरुरत नहीं पड़ती।
Rajmargyatra ऐप से पास कैसे बनाएं? स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस
अगर आप 130 से अधिक टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहते हैं, तो डिजिटल पास के लिए इन आसान स्टेप्स का पालन कर सकते हैं:-
- ऐप डाउनलोड करें:- सबसे पहले अपने स्मार्टफोन में Google Play Store या Apple App Store से 'Rajmargyatra' ऐप डाउनलोड करें।
- साइन इन करें:- ऐप में अपने मोबाइल नंबर से लॉगिन या रजिस्टर करें।
- लोकल पास सेक्शन पर जाएं:- ऐप के होमपेज पर दिए गए 'Digital Local Pass' विकल्प पर क्लिक करें।
- गाड़ी का डिटेल दर्ज करें:- अपनी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर (RC नंबर) और FASTag डिटेल डालें।
- पता वेरीफाई करें:- डिजिलॉकर के जरिये अपने पते का सत्यापन (Address Verification) पूरा करें।
- ऑनलाइन भुगतान करें:- सिस्टम द्वारा पात्रता की पुष्टि होने के बाद, निर्धारित 350 रुपये की फीस का ऑनलाइन भुगतान (UPI, डेबिट/क्रेडिट कार्ड या नेट बैंकिंग) करें।
- पास चालू:-भुगतान सफल होते ही आपका डिजिटल पास एक्टिव हो जाएगा और आपके FASTag से लिंक हो जाएगा।
NHAI का डिजिटल दांव: अब ऐप से बनेगा लोकल टोल पास
इस डिजिटल व्यवस्था को क्यों शुरू किया गया?
NHAI का यह कदम भारत सरकार के 'डिजिटल इंडिया' अभियान का एक बड़ा हिस्सा है। लेकिन इसे तेजी से लागू करने के पीछे सबसे मुख्य कारण टोल प्लाजा पर मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) यानी बैरियर-मुक्त टोलिंग सिस्टम को लागू करना है।
बैरियर-फ्री टोलिंग क्या है?
मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) एक ऐसा सिस्टम है जहां टोल प्लाजा पर कोई फिजिकल बैरियर या गेट नहीं होता और न ही टोल वसूलने के लिए कोई कर्मचारी तैनात होता है। गाड़ियां 80-100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से बिना रुके टोल प्लाजा के नीचे से गुजर जाती हैं और ऊपर लगे हाई-टेक कैमरे व सेंसर्स FASTag से अपने आप टोल काट लेते हैं।
स्थानीय लोगों से जुड़ा विवाद और समस्या
पुराने सिस्टम में स्थानीय निवासी अक्सर टोल कर्मचारियों से जान-पहचान या स्थानीय पहचान पत्र दिखाकर बिना पास बनवाए ही निकल जाते थे। टोल कर्मचारी भी उन्हें जाने देते थे। लेकिन MLFF सिस्टम में कोई इंसान नहीं होता, बल्कि सारा काम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और कैमरों से होता है। जब MLFF शुरू हुआ, तो जिन स्थानीय लोगों के पास पास या FASTag में बैलेंस नहीं था, कैमरे ने उन्हें नियम उल्लंघनकर्ता मानकर उनके नाम e-Notice (ई-नोटिस) और भारी जुर्माना भेजना शुरू कर दिया।
जांच में पाया गया कि ई-नोटिस पाने वालों में एक बड़ी संख्या उन स्थानीय निवासियों की थी, जो बिना डिजिटल पास के वहां से गुजर रहे थे। MLFF में जुर्माना टोल की मूल राशि का दोगुना तक हो सकता है। इसी समस्या को हल करने और स्थानीय लोगों को जुर्माने से बचाने के लिए NHAI ने डिजिटल पास की प्रक्रिया को बेहद आसान और त्वरित बना दिया, ताकि लोग बिना किसी झंझट के पास बनवा सकें।
इस पहल की शुरुआत कहां से हुई?
देश में पहले डिजिटल लोकल पास की सुविधा जुलाई 2026 में दिल्ली के मुंडका-बक्करवाला टोल प्लाजा (अर्बन एक्सटेंशन रोड-II / UER-II) पर शुरू की गई थी। इस टोल प्लाजा पर 11 मई को ही देश का पहला सफल MLFF (बैरियर-लेस) सिस्टम चालू किया गया था। मुंडका में मिली सफलता और स्थानीय लोगों की सकारात्मक प्रतिक्रिया के बाद ही NHAI ने इसे 130 और टोल प्लाजा पर विस्तारित करने का फैसला किया।
किन-किन राज्यों और टोल प्लाजा पर मिलेगी यह सुविधा?
NHAI द्वारा जारी नई सूची में देश के विभिन्न राज्यों के प्रमुख टोल प्लाजा शामिल हैं। इनमें से कुछ प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:-
- हरियाणा: बरताना (Bartana) टोल प्लाजा
- उत्तर प्रदेश: भरतकुंड (Bharatkund) टोल प्लाजा
- आंध्र प्रदेश: ब्रह्मणपल्ली (Bhramanapalli) टोल प्लाजा
- तमिलनाडु: भूथाकुडी (Boothakudi) टोल प्लाजा
- मध्य प्रदेश: चिखलीकला (Chikhalikala) टोल प्लाजा
- बिहार: देवकुली (Devkuli) टोल प्लाजा
इसके अलावा, जिन छह प्रमुख टोल प्लाजा पर बैरियर-मुक्त (MLFF) सिस्टम चालू हो चुका है, उनमें चौरयासी, मुंडका, दौलतपुरा, घरौंडा, मनोहरपुर और शाहजहांपुर शामिल हैं। गौर हो कि जो लोग इन टोल प्लाजा के दायरे में नहीं आते हैं, उन्हें फिलहाल अपना मंथली पास बनवाने के लिए अपने नजदीकी टोल प्लाजा के दफ्तर में ही जाना होगा। हालांकि, NHAI अधिकारियों का कहना है कि आने वाले महीनों में इस डिजिटल सुविधा को देश के सभी टोल प्लाजा पर लागू कर दिया जाएगा।
NHAI का डिजिटल लोकल पास का विस्तार हाईवे यात्रा को सुगम, तेज और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों के लिए 350 रुपये में अनलिमिटेड यात्रा का यह पास न केवल आर्थिक रूप से फायदेमंद है, बल्कि डिजिटल वेरिफिकेशन ने लोगों का कीमती समय भी बचाया है। अगर आप भी इन टोल प्लाजा के पास रहते हैं, तो बिना किसी देरी के 'राजमार्गयात्रा' ऐप डाउनलोड करके अपना डिजिटल पास बनवाएं और जुर्माने या ई-नोटिस से बचें।
