Thane News: महाराष्ट्र के ठाणे जिले के कल्याण में स्थित ऐतिहासिक दुर्गाडी किला परिसर बकरीद के मौके पर एक अभूतपूर्व और अलग ही माहौल का गवाह बना। परिसर के भीतर जहां एक ओर मुस्लिम समुदाय के सैकड़ों लोग पूरी अकीदत के साथ बकरीद की नमाज अदा कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर शिवसेना (शिंदे गुट) के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर मां दुर्गा की भव्य आरती की। दोनों ही समुदायों के धार्मिक अनुष्ठान एक ही समय और एक ही परिसर में पूरी सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए।
बकरीद पर दुर्गाडी किले से आई अनोखी तस्वीर
भारी पुलिस बंदोबस्त के साए में हुए धार्मिक अनुष्ठान
दुर्गाडी किले की संवेदनशीलता और इसके इतिहास को देखते हुए स्थानीय प्रशासन किसी भी प्रकार की कोताही बरतने के मूड में नहीं था। मौके पर कानून-व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के बेहद कड़े और भारी बंदोबस्त किए गए थे। उल्लेखनीय है कि दुर्गाडी किले का यह मामला लंबे समय से चर्चा और विवादों में रहा है, जिसके बाद यह कानूनी प्रक्रिया से भी गुजरा। वर्तमान में, अदालत के विशिष्ट निर्देशों के अनुसार ही यहां मंदिर और मस्जिद क्षेत्र के बीच एक सुव्यवस्थित विभाजन और व्यवस्था बनाई गई है। इसी न्यायिक व्यवस्था के तहत दोनों समुदायों को अपने-अपने धार्मिक अनुष्ठान करने की अनुमति दी गई।
राजनीतिक हलचल और प्रशासनिक सतर्कता
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान स्थानीय स्तर पर भारी राजनीतिक प्रतिक्रिया और हलचल भी देखने को मिली। शिवसेना शिंदे गुट के कार्यकर्ताओं की भारी मौजूदगी और एक तरफ नमाज के आयोजन ने राजनीतिक गलियारों का ध्यान अपनी ओर खींचा। हालांकि, तमाम राजनीतिक सरगर्मियों के बीच जिला और पुलिस प्रशासन का पूरा जोर सिर्फ और सिर्फ शांति व्यवस्था को कायम रखने पर था। अधिकारियों की सूझबूझ और कड़े सुरक्षा घेरे के कारण दोनों पक्षों ने बिना किसी व्यवधान के अपने-अपने अनुष्ठान पूरे किए।
फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में
धार्मिक कार्यक्रम शांतिपूर्वक संपन्न होने के बाद भी प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। एहतियात के तौर पर पूरे दुर्गाडी किला क्षेत्र और उसके आसपास के संवेदनशील इलाकों में पुलिस की गश्त और कड़ी निगरानी लगातार जारी है। वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह से शांतिपूर्ण और नियंत्रण में बनी हुई है।
