मोटिवेशनल स्पीकर और बिजनेस कोच डॉ. विवेक बिंद्रा को एक लंबी कानूनी लड़ाई के बाद सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। पिछले काफी समय से डॉ. विवेक बिंद्रा और उनकी कंपनी बड़ा प्राइवेट बिजनेस लिमिटेड पर धोधाधडी जैसे कई तरह के आरोप लगाए गए थे, जिनके खिलाफ वो लंबे समय से सुप्रीम कोर्ट में कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे। सुप्रीम कोर्ट ने उन पर लगे सभी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए उन्हें क्लीन चिट दे दी है।
क्या है पूरा मामला?
सुप्रीम कोर्ट में डॉ विवेक बिंद्रा के खिलाफ करीब 750 एप्लीकेशंस दायर की गई थी, जिनमें उनपर धोखाधड़ी के आरोप लगाए गए थे। इसके साथ ही ये CBI इन्वेस्टिगेशन की मांग भी की गई थी। जनवरी 2024 में ये केस सुप्रीम कोर्ट में फाइल किया गया था। डेढ़ साल तक केस चलने के बाद 2 सितंबर 2025 को इस केस का फैसला आया, जिसमें विवेक बिंद्रा के ख़िलाफ़ दायर की गई इन सभी एप्लीकेशंस को ख़ारिज कर दिया गया और उन्हें सभी मामलों में क्लीन चिट दे दी गई।
अमर उजाला और नवभारत टाइम्स के हवाले से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, असल में सुप्रीम कोर्ट ने इस केस से जुड़े पुराने कोर्ट के फैसलों को ध्यान में रखते हुए ये फैसला लिया है। क्योंकि इससे पहले भी डॉ बिंद्रा के खिलाफ EOW में लोगों ने फ्रॉड के केस फाइल किए और CBI जांच की मांग की थी। लेकिन इस मामले में डॉ बिंद्रा को मई 2024 में ही क्लीन चिट मिल गई थी।
इतना ही नहीं हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश, बिहार जैसे राज्यों में भी अलग अलग बहुत सी FIR डॉ विवेक बिंद्रा के ख़िलाफ़ दर्ज करवाई गई थी जिनमें उनपर फ्रॉड के आरोप लगाए गए थे। लेकिन ये सभी FIR रद्द कर दी गईं क्योंकि पुलिस ने कहा कि डॉ बिंद्रा के ख़िलाफ़ जिस तरह के मामले लोग दर्ज करवा रहे हैं वो कोई क्रिमिनल केस के दायरे में आते ही नहीं है और उन्हें सभी जगह से क्लीन चिट दे दी गई। सुप्रीम कोर्ट ने भी अपना फैसला सुनाते हुए इस सभी बातों को ध्यान में रखा और सभी 750 एप्लीकेशंस को रद्द किया और कहा कि इन सभी मामलों में पहले ही डॉ बिंद्रा स्टेट कोर्ट्स और पुलिस से क्लीन चिट हासिल कर चुके हैं।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बिंद्रा खुश
कोर्ट के इस फैसले के बाद खुद डॉ विवेक बिंद्रा काफी भावुक नज़र आए, मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि “लंबे समय से उन्हें इस पल का इंतजार था, सच की हमेशा ही जीत होती है। सोशल मीडिया पर हो रही उनकी आलोचनाओं का दौर अब थम जाएगा।
