पवित्र श्रावण मास के पहले सोमवार के अवसर पर झारखंड के देवघर स्थित विश्वप्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम में श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ पड़ा है। हर-हर महादेव और 'बोल बम' के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर एवं देवघर शहर गुंजायमान है। रविवार देर रात से ही लाखों कांवरिया और शिवभक्त बाबा भोलेनाथ पर जलार्पण करने के लिए लंबी-लंबी कतारों में लग गए थे। प्राथमिक अनुष्ठानों और पूजा-अर्चना के समापन के बाद 'अरघा' (जलार्पण का पात्र) स्थापित कर सुगम जलार्पण प्रक्रिया शुरू कराई गई।
देवघर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
2 से 3 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद
सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाल रहे देवघर के पुलिस अधीक्षक (SP) प्रवीण पुष्कर ने बताया कि सावन के पहले सोमवार को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड़ पर है। एसपी प्रवीण पुष्कर ने कहा कि आज सावन महीने का पहला सोमवार है और हमने उसी के अनुसार व्यापक तैयारियां की हैं। यहां लगभग 2 से 3 लाख लोगों की भीड़ आने की उम्मीद है। हमारी टीम और क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) के जवान देर रात से ही अपनी-अपनी ड्यूटी पर तैनात हैं। प्राथमिक अनुष्ठान संपन्न होने और 'अरघा' स्थापित किए जाने के बाद जलार्पण सुचारू रूप से शुरू कराया गया है।
7 फीट का बड़ा 'आउटर अरघा' स्थापित
भीड़ नियंत्रण और सुगम दर्शन के लिए किए गए इंतजामों की जानकारी देते हुए देवघर एसडीओ सह मंदिर प्रभारी रवि कुमार ने बताया कि रविवार को ही लगभग 1.5 लाख श्रद्धालुओं ने बाबा धाम में दर्शन-पूजन किया था। वहीं सोमवार को यह संख्या 2.5 लाख से भी अधिक रहने का अनुमान है। प्रशासन ने पिछले साल के अनुभवों से सबक लेते हुए इस बार व्यवस्थाओं को और अधिक बेहतर बनाया है। मुख्य मंदिर में लंबी कतारों में लगने में असमर्थ श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इस बार आउटर 'अरघा' का दायरा बढ़ाकर 7 फीट से अधिक कर दिया गया है।
पार्वती मंदिर जाने वाले रास्ते में बनी दुकानों को हटाकर रास्ता चौड़ा किया गया है, ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु उमा भवन पहुंचकर जल चढ़ा सकें। पार्वती मंदिर के बाहर भी बड़ा आउटर अरघा लगाया गया है, जिससे श्रद्धालु बिना किसी असुविधा के आसानी से जलार्पण कर सकें।
उज्जैन में बाबा की हुई दिव्य भस्म आरती
वहीं उज्जैन में सावन के पहले सोमवार के अवसर पर विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान महाकालेश्वर के मंदिर में तड़के ढाई बजे मंदिर के पट खुलते ही पूरा प्रांगण जय महाकाल के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा। प्रथम घंटा बजाकर बाबा को हरिओम जल अर्पित किया गया, जिसके बाद दूध, दही और फलों के ताजे रस से पंचामृत अभिषेक पूजन संपन्न हुआ। इसके पश्चात बाबा महाकाल का भांग और सूखे मेवों से अत्यंत आकर्षक एवं अलौकिक शृंगार किया गया। वहीं वाराणसी में भी भोर से भक्तों का जमावड़ा देखा जा रहा है।
