किसानों के हितैषी इफको निदेशक की जिंदगी का दस्तावेज है 'संघर्ष का सुख', छिपा है सफलता का मंत्र

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 3, 2023, 06:20 PM IST

इफको के प्रबंध निदेशक उदय शंकर अवस्थी के जीवन पर आधारित किताब 'संघर्ष का सुख' उनके जीवन में उतार-चढ़ाव और विकास की कहानी कहती है। इस किताब के जरिए जानिए कैसे यूपी के एक गांव से निकलकर अवस्थी इतने बड़े मुकाम पर पहुंचे।

Sangharsh ka sukh Book: साधारण से असाधारण बन जाना शायद दुनिया का सबसे बड़ा सुख है और जब असाधारण बनने के लिए आपने संघर्ष को भी सुख की तरह लिया हो तो इससे बढ़कर दुनिया में कुछ नहीं! जी हां, उर्वरक क्षेत्र की सबसे बड़ी सहकारी संस्था इफको के प्रबंध निदेशक और सीईओ के रूप में जिस उदय शंकर अवस्थी को दुनिया जानती है, उनकी जिंदगी लोगों के लिए वाकई प्रेरणा देने वाली है।

Sangharsh ka sukh

'संघर्ष का सुख'

संघर्षों की दास्तां

'संघर्ष का सुख' उदय शंकर अवस्थी की जिंदगी के सफर की कहानी है, उनके संघर्षों की दास्तां है। इस किताब में उनकी सफलता की बानगी झलकती है। उनके जोश और जज्बे का दस्तावेज की तरह हम इस किताब को देख सकते हैं। साथ ही यह उनके व्यक्तित्व का ऐसा आईना है, जिसमें हर पाठक अपना चेहरा देख सकता है और जीवन में सफल होने का मंत्र पा सकता है। यह एक इंसान के संघर्ष की कहानी तो है ही एक छोटे से बड़े बन गए संस्था की सफलता की दास्तां भी है। अवस्थी ने इफको को न सिर्फ एक बड़ी सहकारी संस्ता बनाया, बल्कि इसे किसानों का सबसे बड़ा हितैषी भी बनाया। यह उनकी सोच ही थी कि इस सहकारी संस्था ने इतनी लंबी उड़ान भरी। बेशक, इस उड़ान की लंबी कहानी है और यह किताब उस पर बहुत अच्छे से प्रकाश डालती है।

सफलता का मंत्र

यह किताब यूपी के एक गांव से निकले एक ऐसे बच्चे की कहानी है, जिसने जिंदगी के दिए सभी कठिनाइयों का सामना डटकर किया और तमाम संघर्षों में तपकर अपने लिए दुनिया में एक ऐसी जगह बनाई, जिसके बारे में अधिकतर लोग सपने में भी नहीं सोच पाते। अवस्थी बेहतरीन और सफल प्रबंधक थे, तो बेहद ही संवेदनशील इंसान भी। देश और यहां के किसानों के लिए वह जो कुछ करना चाहते थे और जितना कुछ करने में उन्हें सफलता मिली, यह किताब उसका दस्तावेज है। सफल होना वाकई आसान नहीं होता। सफलता की डगर कितनी कठिन होती है और अवस्थी जैसे दूर की सोच रखने वाले इंसान कैसे समय और अपनी योग्यता का उपयोग इस डगर को आसान बनाने के लिए करते हैं, यह इस किताब से सहज ही समझा जा सकता है।

कृषि क्षेत्र की चुनौतियों से ऐसे पाया पार

अवस्थी ने एक छोटी सी सहकारी समिति को कैसे दुनिया के पटल पर लाकर खड़ा कर दिया। यह इस किताब में जानना वाकई दिलचस्प है। अपने दूरदर्शी नेतृत्व से अवस्थी ने इफको के कारोबार को विविधता दी तो हुए देश और देश से बाहर मॉडर्न उर्वरक संयंत्रों की स्थापना से लेकर नैनो यूरिया जैसे उर्वरक विकसित कर दुनिया भर में देश और भारतीय सहकारिता का परचम लहरा दिया। सहकारिता की दुनिया, प्रबंधन के अलग-अलग आयाम, कृषि क्षेत्र की चुनौतियां और उनके समाधान, अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग और देश को यूरिया के मामले में आत्मनिर्भर बनाने की योजना, यह किताब कुछ उन बातों से पाठकों को अवगत कराती है, जिनके बारे में जानना हर कोई चाहेगा।

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