राम मंदिर चढ़ावा चोरी: CCTV में चोरी की 70 घटनाएं, 2-3 साल से एक्टिव था रैकेट; 20 पन्नों की SIT रिपोर्ट में और क्या?

राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी 20 पन्नों की रिपोर्ट सौंप दी है। इस रिपोर्ट के आधार पर मामले में ऐसे खुलासे हुए हैं जो बेहद अहम हैं।

'राम नाम की लूट है लूट सके तो लूट...' लेकिन अयोध्या में राम नाम के साथ ही राम पर चढ़ने वाले दान की चल रही है और लूटने वाले भी कोई और नहीं, वही लोग हैं, जिन्हें इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गई थी। मामले में विपक्ष की तरफ से चंदा गबन के आरोपों के बाद योगी सरकार ने एसआईटी गठित की और फिर एसआईटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर मामले में FIR दर्ज होकर 26 जून को 8 आरोपियों की गिरफ्तार कर ली गई। इस बीच राम मंदिर चढ़ावा लूट मामले में एसआईटी की 20 पन्नों की रिपोर्ट सामने आई है। इसमें सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, गवाहों के बयान और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर कई चौंकाने वाले खुलासे किए गए हैं। SIT ने दावा किया है कि सीसीटीवी फुटेज में चढ़ावा चोरी की 70 घटनाएं दर्ज हुई हैं और यह कथित रैकेट पिछले दो से तीन वर्षों से संचालित हो रहा था। ऐसे में आइए जानते हैं कि एसआईटी की रिपोर्ट में और क्या-क्या है। साथ ही इस पूरे घटनाक्रम में कब क्या-क्या हुआ....

एसआईटी रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे।

एसआईटी रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे। (फोटो- AI)

सबसे पहले चढ़ावा चोरी की टाइमलाइन

  • 7 जून 2026: समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक पवन पांडे ने सार्वजनिक तौर पर आरोप लगाए कि राम मंदिर के दान-पात्रों से 7 से 7.5 करोड़ रुपये का गबन हुआ है। पूर्व विधायक के इन आरोपों से अयोध्या में राजनीतिक भूचाल आ गया।

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