मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की अगुवाई में आयोजित होने वाले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर सियासत गरमा गई है। 12 सितंबर को होने वाले इस भव्य आयोजन की तारीख अब आगे बढ़ाकर 19 सितंबर कर दी गई है। इस बदलाव की मुख्य वजह स्थानीय प्रशासन की ओर से जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम के उपयोग की अनुमति न मिलना है।
इंदौर में राहुल गांधी के कार्यक्रम पर फंसा पेंच (फाइल फोटो)
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इंदौर में कार्यकर्ताओं की बैठक के दौरान यह घोषणा की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा स्टेडियम उपलब्ध कराने से मना करने के बाद पार्टी ने कार्यक्रम की तारीख बदलने का फैसला किया है। इससे पहले जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर अनुरोध किया था कि यह कोई आम राजनीतिक रैली नहीं है, बल्कि देश के भविष्य, शिक्षा के अधिकार और युवाओं के मुद्दों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण संवाद है।
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इंदौर नगर निगम क्या बोला?
दूसरी तरफ, इंदौर नगर निगम के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने स्पष्ट किया है कि उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार नेहरू स्टेडियम को केवल खेलकूद गतिविधियों या राज्यस्तरीय सरकारी कार्यक्रमों के लिए ही दिया जा सकता है। वहां किसी अन्य आयोजन की अनुमति नहीं दी जा सकती।
इस फैसले के बाद कांग्रेस अब इंदौर में किसी नए मैदान की तलाश कर रही है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने प्रशासन के इस रुख पर नाराजगी जताते हुए आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
देशभर में छात्रों से संवाद कर रही कांग्रेस
गौरतलब है कि 'छात्रों की गूंज' अभियान के तहत कांग्रेस देशभर में छात्रों से संवाद कर रही है। इस कार्यक्रम के जरिए पार्टी पेपर लीक, बेरोजगारी, महंगी शिक्षा और भर्तियों में गड़बड़ी जैसे मुद्दों पर सरकार को घेर रही है। कांग्रेस का लक्ष्य इंदौर में 50,000 से अधिक विद्यार्थियों को इस संवाद कार्यक्रम में जुटाने का है।
