Fire in Directorate Of Education: प्रयागराज में रविवार सुबह शिक्षा निदेशालय के दो अनुभागों में अचानक आग लग गई। जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना पर पहुंचे दमकल विभाग ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया लेकिन तबतक काफी नुकसान हो चुका था। इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ लेकिन दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक इस आग्निकांड में लखनऊ समेत चार मंडलों की सभी फाइलें जलकर खाक हो गई हैं। इसके अलावा और भी नुकसान हुए हैं। इसकी जांच के लिए एक उच्चस्तरीय जांच कमेटी बना दी गई है।
अग्रिकांड में जली फाइलें
फर्जी भर्ती से जुड़े दस्तावेज भी जले
रविवार की सुबह करीब 8:15 बजे शिक्षा निदेशालय के ग्राउंड प्लोर के दो सेक्शन में आग लगी तो धुआं बाहर तक दिखा। आग इतनी भयंकर थी कि आसपास के दफ्तरों में काम कर रहे लोग भी बाहर निकल आए और सुरक्षित स्थानों पर चले गए। वहीं आग की सूचना मिलते ही शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और दमकल विभाग को बुलाया गया। करीब 3 घंटे मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक लखनऊ, मेरठ, आजमगढ़ और देवीपाटन मंडल की सभी फाइलें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं। इसके साथ बस्ती, सहारनपुर, आगरा और गोरखपुर मंडल की 30% फाइलें राख हो गई हैं। विभाग के कंप्यूटर और लैपटॉप भी आग की चपेट में आए हैं। एडेड कॉलेजों और शिक्षकों की फर्जी भर्ती की पत्रावलियां भी यहां रखी गई थीं, वो भी जलकर नष्ट हो गई हैं।
पैदा हो रही हैं शंकाएं
आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है लेकिन ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि दुर्घटना का कारण शॉर्ट सर्किट था। दूसरी तरफ इस आग को लेकर काफी शंकाएं भी व्यक्त की जा रही हैं। कारण है आग लगने की टाइमिंग,इस समय कई एडेड कॉलेजों की जांच प्रक्रिया चल रही है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी इस घटना पर सवाल उठाए। कहा- आग लगी है या लगाई गई है, ये तकनीकी कारणों से घटित हादसा है या वजह कुछ और है। शंका समाधान के लिए हाई लेवल जांच हो। 5 हजार फाइलें जल गईं। करप्शन, धांधली की वजह से आग लगी।
जांच के लिए बनी कमेटी
इस मामले की जांच के लिए शिक्षा निदेशालय के अफसरों ने एक उच्चस्तरीय जांच समिति बनाई है, जो आग लगने के कारणों के साथ-साथ घटना के बाकी पहलुओं पर जांच कर रिपोर्ट देगी। ये जानकारी अपर शिक्षा निदेशक सुरेंद्र तिवारी ने दी।
