पटना

बिहार में 100 यूनिट फ्री बिजली पर सियासी बवाल, सरकार के खंडन के बाद आरजेडी का हमला तेज

बिहार में 100 यूनिट मुफ्त बिजली देने की खबर पर सियासी घमासान मच गया है। मुफ्त बिजली की खबर चलने के बाद होने के बाद वित्त विभाग ने इसका खंडन किया तो राजद ने सरकार पर वादों की नकल करने और ‘यू-टर्न’ का आरोप लगाया। दूसरी ओर जेडीयू भी विपक्ष पर तंज कसते हुए हमलावर दिखी।

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फ्री बिजली पर बिहार में चढ़ा सियासी पारा (सांकेतिक तस्वीर)

Photo : Times Now Digital

Bihar Free Electrcity Row: बिहार में 100 यूनिट मुफ्त बिजली देने की खबर पर उठा सियासी तूफान थमता नहीं दिख रहा है। चुनावी मौसम में इसे लेकर अब राज्य में सियासत तेज हो गई है। शुक्रवार को मीडिया में आई खबर के मुताबिक राज्य सरकार हर महीने 100 यूनिट बिजली फ्री देने की तैयारी कर रही थी। लेकिन जब सरकार की ओर से वित्त विभाग ने इसका खंडन जारी किया, तो विपक्ष खासतौर पर लालू यादव की आरजेडी इसे लेकर हमलावर दिखी और इसे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का एक और ‘यू-टर्न’ करार देते हुए जोरदार हमला बोला।

आरजेडी ने साधा निशाना

आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि सरकार ने घोषणा करने से पहले ही पलट गई। इसके साथ ही उन्होंने सरकार को नकलची बताते हुए कहा कि बिहार सरकार तेजस्वी यादव की नकल कर रही है। उदाहरण में महिला आरक्षण, युवा आयोग आदि योजनाओं को गिनाते हुए उन्होंने सरकार पर नकल के आरोप भी लगाए। इसके पहले प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव खुद सरकार पर अपने वादों की नकल करने का आरोप लगा चुके हैं।

जेडीयू ने कसा लालटेन पर तंज

वहीं सत्ता पक्ष की ओर से जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने विपक्ष के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि नीतीश कुमार ने किसानों को 55 पैसे प्रति बिजली देकर पूरे देश में एक मिसाल कायम की है। विपक्ष अगर इतना ही परेशान है, तो अपने घर की बिजली कटवाकर लालटेन जलाना शुरू कर दे।

100 यूनिट मुफ्त बिजली का दावा

दरअसल, शुक्रवार को वित्त विभाग के एक 'सोर्स' के हवाले से यह खबर आई थी कि राज्य सरकार जल्द ही हर महीने 100 यूनिट मुफ्त बिजली देने जा रही है। बताया गया कि वित्त विभाग से यह प्रस्ताव कैबिनेट के पास भेजे जाने वाला था, लेकिन खबर मीडिया में लीक होते ही सरकार ने इसे रोक दिया। इसके बाद वित्त विभाग ने सार्वजनिक तौर पर इसका खंडन जारी कर साफ कर दिया कि ऐसी कोई योजना नहीं है। यह पहला मौका नहीं है, जब किसी योजना की खबर लीक होने के बाद सरकार ने कदम पीछे खींचा लिया हो। इससे पहले शिक्षा विभाग में शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर लीक हुई खबर के बाद विभाग ने इसे भी खारिज कर दिया था।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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