Gaisal Train Fire: मंगलवार को कटिहार रेल मंडल के एक स्टेशन पर एक बड़ा हादसा होते होते रह गया। कटिहार रेल डिवीजन के गैसल रेलवे स्टेशन पर एक पैसेंजर ट्रेन के इंजन में आग लग गई, जिससे स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई। हालांकि गनीमत रही कि इस दुर्घटना में किसी यात्री को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। आग का क्षेत्र सीमित रहा, जिसपर दमकल विभाग ने समय रहते ते काबू पा लिया।
पैसेंजर ट्रेन के इंजन में लगी आग
फायर ब्रिगेड ने आग पर पाया काबू
कटिहार रेल डिवीजन के गैसल रेलवे स्टेशन पर सिलीगुड़ी से मालदा टाउन जा रही डेमू पैसेंजर ट्रेन के इंजन में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटें बहुत ज्यादा बढ़ गईं और स्टेशन पर अफरातफरी का माहौल बनने लगा। हड़कंप की स्थिति में फायर ब्रिगेड की टीम को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पश्चिम बंगाल की दमकल टीम तुरंत मौके पर पहुंची और कड़ी मेहनत के बाद आग पर काबू पा लिया। राहत की बात यह रही कि सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं, किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। इस घटना की प्रारंभिक जांच में इंजन की तकनीकी खराबी के कारण आग की यह घटना सामने आ रही है। आग लगने के पीछे के पुख्ता कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है, रेलवे प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
ट्रेन दुर्घटना के लिए कुख्यात है गैसल
जानकारी के लिए बता दें कि गैसल पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले में पड़ता है। यह वही रेलवे स्टेशन है जहां 1999 की कुख्यात रेल दुर्घटना हुई थी। 2 अगस्त 1999 की तारीख को गैसल रेलवे स्टेशन के पास ही अवध असम एक्सप्रेस और ब्रह्मपुत्र मेल टकरा गईं थीं। इस हादसे में 250 सौ से अधिक लोगों की मौत हो गई थी और सैकड़ों लोग घायल हुए थे।
इसी महीने हुई थी एक घटना
कुछ ही दिनों पहले ऐसी ही एक घटना राजस्थान में हुई थी। जयपुर से जोधपुर के बीच चलने वाली एक सुपरफास्ट ट्रेन के इंजन में चलते समय ही आग लग गई थी। जिसके कारण करीब दो घंटे ट्रेन को रोके रखना पड़ा था। इस घटना में भी आग लगने के पीछे इंजन की तकनीकी खराबी का कारण सामने आया था।
