Bihar Teacher Bharti 2023: बिहार में शिक्षक नियुक्ति नियमावली में बदलाव किया गया है अब दूसरे राज्यों के छात्र भी शिक्षक बहाली में हिस्सा ले सकेंगे, सरकार के इस फ़ैसले का छात्रों के द्वारा ज़ोरदार विरोध किया जा रहा है, सरकार के इस फ़ैसले पर भाजपा सांसद और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा है की सरकार की मंशा शिक्षकों को नियुक्त करने की नहीं है।
बिहार में शिक्षक बनने के लिए 'बिहार' का होना जरूरी नहीं
सुशील कुमार मोदी ने कहा कि सरकार के पास पैसा नहीं है सरकार पर इन शिक्षकों की तनख़्वाह के लिए 11 हज़ार करोड़ का अतिरिक्त भार पड़ेगा, इसलिए वो चाह रहे हैं की मामले को कोर्ट में फँसा दिया जाय, सुशील मोदी ने इसे तुगलकी फ़रमान बताते हुए इसे जल्द वापस लेने की मांग की है।
छात्रों ने सरकार को इसे वापस लेने के लिए 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया
बिहार सरकार के द्वारा शिक्षक नियुक्ति नियमावली में बदलाव किए जाने के बाद बिहार में छात्र सड़कों पर हैं और सरकार के ख़िलाफ़ ज़ोरदार विरोध कर रहे हैं, छात्र का कहना है की नीतीश कुमार पीएम का सपना देख रहे हैं इसलिए इस तरह का फ़ैसला ले रहे हैं 2024-25 चुनाव में इनको हमलोग समझा देंगे, छात्रों ने सरकार को इसे वापस लेने के लिए 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया है।
शिक्षक संघ के नेता आखिर क्यों कर रहे भर्ती का विरोध
बिहार सरकार में शिक्षकों की 1.70 लाख पदों पर भर्ती चल रही है। आए दिन भर्ती से जुड़े अपडेट आ रहे हैं, राज्य में जो डोमिसाइल नीति को खत्म किया गया है, उसके बाद से शिक्षक संघ के नेता ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। बिहार राज्य में 1.70 लाख पदों को भरने के लिए आवेदन प्रक्रिया चल रही है। आए दिन भर्ती से जुड़ी नई जानकारियां आ रही हैं, कल यानी 27 जून को जब से डोमिसाइल नीति को खत्म किए जाने का अपडेट आया है तब से बाहरी राज्य के उम्मीदवारों की खुशी का ठिकाना नहीं है, लेकिन राज्य में सभी इस निर्णय से ज्यादा सहज नहीं लग रहे हैं।
जान लें क्या है डोमिसाइल नीति?
डोमिसाइल का मतलब अधिवास या आवासीय होता है, बिहार शिक्षक भर्ती 2023 में डोमिसाइल का मतलब है कि राज्य के लोग ही इस परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं, जबकि यह नौकरी बाहरी राज्य के उम्मीदवारों के लिए नहीं है, लेकिन कल जारी नए निर्देश के बाद डोमिसाइल नीति को खत्म कर दिया गया है, अब दूसरे राज्य के योग्य उम्मीदवार भी इस परीक्षा के लिए फार्म भर सकते हैं। कल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में राज्य कैबिनेट की बैठक में इस पर मुहर लगा लगाई गई, और राज्य में इस नियमावली 2023 में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।
