स्वच्छ बिजली का हब बनेगा बिहार, 5 साल में इतने मेगावाट अक्षय ऊर्जा उत्पादन का टारगेट

बिहार सरकार ने अगले 5 साल में 23 हजार 968 मेगावाट अक्षय ऊर्जा के उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है। सरकार ने बताया कि राज्य में सौर, वायु और बॉयोमास से अक्षय ऊर्जा बनाने की योजना है। इस योजना के तहत सबसे ज्यादा 18 हजार 448 मेगावाट बिजली जमीन पर स्थापित सौर परियोजनाओं से उत्पादित की जाएगी।

पटना : बिहार सरकार ने आगामी पांच वर्ष यानी 2029-30 तक राज्य में 23 हजार 968 मेगावाट अक्षय ऊर्जा के उत्पादन का लक्ष्य रखा है। साथ ही 6 हजार 100 मेगावाट घंटा ऊर्जा के भंडारण का भी लक्ष्य निर्धारित किया है। इसका उद्देश्य राज्य को स्वच्छ ऊर्जा का हब बनाना है। वर्ष 2070 तक देश के शून्य कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य में अहम योगदान देना भी है। इसके लिए पिछले सप्ताह पटना में बिहार नई और अक्षय ऊर्जा स्रोत प्रोत्साहन नीति 2025 और बिहार पंप्ड स्टोरेज परियोजना प्रोत्साहन नीति 2025 के लिए एक विशेष समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया गया।

Bihar Cabinet

बिहार के सीएम नीतीश कुमार और डीप्टी सीएम सम्राट चौधरी (फोटो-@NitishKumar)

बॉयोमास से बनेगी बिजली

राज्य में सौर, वायु और बॉयोमास से अक्षय ऊर्जा बनाने की योजना है। इस योजना के तहत सबसे ज्यादा 18 हजार 448 मेगावाट बिजली जमीन पर स्थापित सौर परियोजनाओं से उत्पादित की जाएगी। इसके अलावा 900 मेगावाट बिजली सौर पार्कों (20 मेगावाट से बड़े), 495 मेगावाट फ्लोटिंग सौर संयंत्रों और 400 मेगावाट तालाबों पर ऊंचे सौर संयंत्रों को स्थापित कर बिजली पैदा होगी। साथ ही खेती के साथ एग्री वोल्टिक, वायु ऊर्जा, कचरे से बिजली और बायोमास परियोजनाएं भी शामिल हैं।

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