Patna News: राजधानी पटना के हॉस्टल में रहकर NEET की तैयारी कर रही छात्रा की मौत के मामले में CBI की जांच किसी निष्कर्ष तक नहीं पहुंच पायी है। करीब आठ महीने की जांच के बाद केंद्रीय जांच एजेंसी ने अदालत में कहा है कि किसी व्यक्ति के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं मिले हैं। जांच के दौरान लगभग 30 लोगों के DNA सैंपल लिए गए, लेकिन छात्रा के कपड़ों से मिले स्पर्म के DNA से किसी का मिलान नहीं हो पाया।
नीट छात्रा मौत मामले में सीबीआई 8 महीने बाद भी खाली हाथ
पिता के बयान पर दर्ज हुई थी FIR
मामले की शुरुआत पटना के चित्रगुप्त नगर थाने में दर्ज FIR से हुई थी। छात्रा के पिता ने हॉस्टल में बेटी के साथ छेड़छाड़ और उसके शरीर पर चोट के निशान होने की बात कही थी। इसके बाद अस्पताल में छात्रा की मौत हो गई।
15 जनवरी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यौन हिंसा की बात सामने आने के बाद मामला और भी गंभीर हो गया। जांच के दौरान छात्रा के कपड़ों से स्पर्म मिलने की बात भी सामने आई थी। इसके बावजूद जांच एजेंसी उस DNA को किसी संदिग्ध से जोड़ने में सफल नहीं रही।
जांच पर कोर्ट ने भी उठाए थे सवाल
इस मामले की शुरुआती जांच स्थानीय पुलिस ने की थी। बाद में विवाद बढ़ने पर राज्य सरकार ने जांच CBI को सौंप दी। जांच के दौरान चार जांच अधिकारियों को बदले जाने की बात सामने आई। अदालत ने जांच की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए थे। कोर्ट की फटकार के बाद मामले में POCSO एक्ट की धाराएं जोड़ी गईं। अदालत के मुताबिक छात्रा की मां का बयान भी काफी देर से दर्ज किया गया था।
13 अक्टूबर को अगली सुनवाई
CBI ने लगभघ आठ महीने की जांच के बाद अब POCSO अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की है। रिपोर्ट में एजेंसी ने कहा है कि उपलब्ध सबूतों के आधार पर किसी व्यक्ति के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं मिले हैं।
अब अदालत CBI की रिपोर्ट और जांच के दौरान सामने आए तथ्यों की समीक्षा करेगी। मामले की अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को निर्धारित है। इस सुनवाई में यह तय होना है कि CBI की क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार किया जाए या जांच के संबंध में अदालत की तरफ से आगे कोई निर्देश दिया जाए।
