नोएडा

Noida: मीट की दुकान पर ग्राहकों के बीच ताबड़तोड़ चाकूबाजी, मेरठ के युवक की हत्या

उत्तर प्रदेश के नोएडा में मीट खरीदने की बात पर हुए विवाद में युवक की चाकू गोदकर हत्या कर दी गई। दिनदहाड़े हत्या से इलाके में सनसनी का माहौल है।

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Noida: मीट की दुकान पर ग्राहकों के बीच ताबड़तोड़ चाकूबाजी, मेरठ के युवक की हत्या

नोएडा में गुरुवार को दिनदहाड़े एक युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। युवक की हत्या मीट की दुकान पर हुई। बताया जा रहा है कि वह मीट की दुकान पर सामान लेने गया था और वहां पर मौजूद दूसरे ग्राहक से उसकी कहासुनी हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि दूसरे व्यक्ति ने मीट की दुकान में रखे चाकू से उस पर ताबड़तोड़ वार कर दिया। इस घटना में उसकी मौत हो गई। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए टीमों का गठन किया है और उसकी तलाश जारी है।

मीट की दुकान पर हत्या

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक थाना-113 इलाके में मीट की दुकान पर सामान लेने के दौरान दो ग्राहकों में विवाद हो गया। जिसमें एक शख्स ने दूसरे पर चाकू से कई वार कर दिए। इस घटना में शहजाद (35) की मौत हो गई। मृतक मूलरूप से मेरठ का था और यहां पर किराए के मकान में रहता था। इस मामले को लेकर पुलिस की दो टीमों का गठन किया गया है।

डीसीपी रामबदन सिंह ने बताया कि करीब 3 बजे के आसपास पुलिस को सूचना मिली कि एक युवक को चाकू मारा गया है। मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि युवक की मौत हो चुकी है। उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए पुलिस ने कब्जे में लिया और आगे की कार्रवाई शुरू की। उन्होंने बताया कि युवक की पहचान हो चुकी है और बताया जा रहा है कि दुकान पर मौजूद दूसरे ग्राहक से उसका विवाद हुआ था, जिसके बाद आरोपी ने मीट की दुकान में ही रखे चाकू से मृतक पर ताबड़तोड़ वार किए। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीम का गठन किया गया है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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