Noida News: देश का सबसे बड़ा हेलीपोर्ट नोएडा के सेक्टर-151ए में बनाने का प्लान है। इसके बनने का रास्ता भी साफ हो गया है। निर्माण करने वाली कंपनी के चयन के लिए प्राधिकरण को तकनीकी बिड खोलने के लिए शासन ने अनुमति दे दी है। इसके बाद परियोजना की तकनीकी बिड को खोल दिया गया है। इसमें एक निजी कंपनी का चयन किया गया है।
नोएडा में बनने वाले देश के सबसे बड़े हेलीपोर्ट के लिए तकनीकी बिड खोलने की शासन से मिली अनुमति (फाइल फोटो)
बता दें कि, तकनीकी बिड में कंपनी की ओर प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों का परीक्षण करने के लिए नोएडा प्राधिकरण की सीईओ की ओर से फाइल को सलाहकार कंपनी के पास भेज दिया गया है। वहां से फाइल आने के बाद फाइनेंशियल बिड को भी खोल दिया जाएगा। इसके बाद कंपनी से बांड साइन करवाए जाएंगे। यदि सब कुछ ठीक रहा तो कंपनी अगले एक महीने के अंदर निर्माण कार्य शुरू कर सकती है।
पीपीपी मॉडल पर होगा निर्माण
मिली जानकारी के अनुसार, हेलीपोर्ट का निर्माण पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर किया जाएगा। इसकी प्री बिड के लिए 4 कंपनियां आई थीं। कयास लगाए जा रहे थे कि, कम से कम तीन कंपनियां बिड में शामिल हो जाएंगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। एक कंपनी ही शामिल हो पाई । ऐसे में शासन के पास फाइल को भेज दिया गया था। वहां से अनुमति प्राप्त होने के बाद तकनीकी बिड को खोला गया। इससे पहले भी ग्लोबल टेंडर के जरिए एक ही कंपनी आई थी। लेकिन फाइनेंशियल बिड के दौरान कंपनी डिसक्वालीफाई कर दी गई थी।इन शहरों के लिए होगी हेलीपोर्ट से उड़ान
बता दें कि, नोएडा के सेक्टर 151ए में प्रस्तावित हेलीपोर्ट के निर्माण कार्य में 43.13 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। इसके डिजाइन बेल को 12 सीटर के अनुसार, तैयार किया गया है। इस हेलीपोर्ट में वीवीआईपी या इमरजेंसी के समय 26 सीटर एमआई 172 भी उतारा जा सकेगा। नोएडा के हेलीपोर्ट से मथुरा, आगरा, मसूरी, यमुनोत्री, गोचर, अलमोड़ा, न्यू टिहरी, शिमला, हरिद्बार जयपुर, चंडीगढ़, ओली, पंतनगर, नैनीताल, उत्तरकाशी, श्रीनगर, बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री , जोशीमठ, रामपुर, बीकानेर, जोधपुर, डलहौजी, अयोध्या, मंडी और मनाली के लिए हेलीकॉप्टर से उड़ान सेवा शुरू की जाएगी।
