Aqua Line Extension: नोएडा और ग्रेटर नोएडा के निवासियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (NMRC) अपनी एक्वा लाइन विस्तार की तीनों महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शिलान्यास एक साथ अप्रैल महीने में करने जा रहा है। इस कदम से न केवल दिल्ली-एनसीआर की कनेक्टिविटी मजबूत होगी, बल्कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक का सफर भी बेहद आसान हो जाएगा।
बॉटैनिकल गार्डन बन जाएगा बड़ा इंटरचेंज
अप्रैल में एक साथ शुरू होंगी तीन मेगा परियोजनाएं
दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबि NMRC के प्रबंध निदेशक और नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश ने संकेत दिया है कि एक्वा लाइन विस्तार के तीनों रूटों का शिलान्यास एक साथ अप्रैल में किया जाएगा। ये तीनों रूट कुछ इस तरह होने वाले हैं।
- सेक्टर-142 से बॉटनिकल गार्डन (11.56 किमी): यह सबसे महत्वपूर्ण रूट है जो एक्वा लाइन को दिल्ली मेट्रो की ब्लू और मैजेंटा लाइन से सीधे जोड़ेगा।
- सेक्टर-51 से ग्रेनो वेस्ट सेक्टर-4 (7.5 किमी): यह रूट ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लाखों निवासियों को मेट्रो की सुविधा देगा।
- ग्रेटर नोएडा डिपो से बोड़ाकी रेलवे स्टेशन (2.6 किमी): यह बोड़ाकी में बनने वाले मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट हब को कनेक्टिविटी देगा।
बॉटनिकल गार्डन बनेगा बड़ा इंटरचेंज हब
कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स (CCEA) की मंजूरी के बाद, बॉटनिकल गार्डन स्टेशन अब दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन, मैजेंटा लाइन और नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन के बीच एक प्रमुख इंटरचेंज स्टेशन के रूप में विकसित होगा। इस विस्तार के पूरा होने के बाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में मेट्रो नेटवर्क की कुल लंबाई 61 किलोमीटर को पार कर जाएगी।
RRTS और एयरपोर्ट कनेक्टिविटी पर जोर
सीईओ कृष्णा करुणेश ने स्पष्ट किया कि पहले एक्वा मेट्रो का विस्तार नॉलेज पार्क-5 तक प्रस्तावित था, लेकिन अब इसे सेक्टर-4 (ग्रेटर नोएडा वेस्ट) तक ले जाया जाएगा ताकि इसे RRTS (रैपिड रेल) के प्रस्तावित रूट से जोड़ा जा सके। यदि RRTS का रूट बदलता है, तो मेट्रो को नॉलेज पार्क-5 तक ले जाकर लिंक किया जाएगा। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि नोएडा और दिल्ली के लोग सीधे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक निर्बाध कनेक्टिविटी पा सकेंगे।
मिट्टी की टेस्टिंग और डिजाइन का काम शुरू
परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए दो रूटों पर टोपोग्राफी और सॉइल टेस्टिंग (मिट्टी परीक्षण) का काम पहले ही शुरू हो चुका है। आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय (MoHUA) से तीसरे रूट की अंतिम मंजूरी मिलते ही इसकी विस्तृत ड्राइंग और डिजाइन तैयार कर ली जाएगी। इस विस्तार परियोजना को आगामी चार वर्षों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
