जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की शुरुआत के करीब आते ही पूरे दिल्ली-एनसीआर में कनेक्टिविटी को विश्वस्तरीय बनाने का काम चल रहा है। इसी कड़ी में, दिल्ली के DND से लेकर यमुना प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र के जेवर तक एक शानदार और नया एक्सप्रेसवे बनाने की तैयारी को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इस महा-परियोजना को लेकर शुक्रवार को नोएडा प्राधिकरण के सेक्टर-96 स्थित मुख्य कार्यालय में एक बेहद महत्वपूर्ण हाई-लेवल बैठक संपन्न हुई।
जेवर एयरपोर्ट कनेक्टिविटी का बड़ा प्लान (सांकेतिक चित्र)
दैनिक हिंदुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक नोएडा प्राधिकरण के ACEO सतीश पाल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण, यमुना प्राधिकरण (YEIDA), सिंचाई विभाग, नेशनल हाईस्पीड रेल कॉरपोरेशन (NHSRCL) और NHAI के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इस दौरान यमुना पुस्ता के किनारे बनने वाले इस एक्सप्रेसवे की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) की गहन समीक्षा की गई।
अब सेक्टर-150 नहीं, चाई-4 तक जाएगा एक्सप्रेसवे
NHAI के सलाहकार ने बैठक में जानकारी दी कि पहले इस एक्सप्रेसवे को सिर्फ नोएडा के सेक्टर-150 के पास यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ने की योजना थी। लेकिन अब इस रूट में बड़ा बदलाव किया गया है। नए प्रस्ताव के तहत, यह एक्सप्रेसवे डीएनडी से शुरू होकर ग्रेटर नोएडा के सेक्टर चाई-4 के पास यमुना एक्सप्रेसवे में मिलेगा।
इसके अलावा, इस एक्सप्रेसवे को ग्रेटर नोएडा के परी चौक से भी कनेक्ट किया जाएगा। यमुना क्षेत्र में प्रस्तावित 130 मीटर चौड़ी सड़क को भी इस एक्सप्रेसवे से लिंक करने की योजना है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि एक्सप्रेसवे का अंतिम रूट (अलाइनमेंट) तीनों प्राधिकरणों (नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यीडा) के आपसी समन्वय और सहमति से तय किया जा रहा है। खास बात यह है कि यह एक्सप्रेसवे अब यमुना पुस्ते के अंदर शहर की तरफ से होकर ग्रेटर नोएडा की ओर बढ़ेगा।
नोएडा क्षेत्र में बनेंगे ये 4 शानदार लूप
वाहन चालकों की सुविधा और एक्सप्रेसवे पर आसानी से चढ़ने-उतरने के लिए नोएडा क्षेत्र में चार विशेष लूप बनाए जाएंगे। नोएडा से जेवर की तरफ जाते समय पहला लूप DND के पास, दूसरा लूप महामाया फ्लाईओवर, तीसरा लूप सेक्टर-128 जेपी विश टाउन, चौथा लूप सेक्टर-150 होगा, इन चार स्थानों से एक्सप्रेसवे का उपयोग किया जा सकेगा।
बुलेट ट्रेन परियोजना के बिंदुओं पर भी चर्चा
इस बैठक में नेशनल हाईस्पीड रेल कॉरपोरेशन के अधिकारी भी मौजूद रहे। दरअसल, दिल्ली से वाराणसी के बीच प्रस्तावित बुलेट ट्रेन भी नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र से होकर गुजरेगी। इस वजह से बुलेट ट्रेन के पिलर्स और एक्सप्रेसवे के रूट में कोई टकराव न हो, इसके तकनीकी पहलुओं पर भी विस्तृत चर्चा की गई।
गौरतलब है कि पिछले हफ्ते NHAI के अधिकारियों ने यमुना प्राधिकरण के सीईओ से मुलाकात की थी, जिसके बाद इस एक्सप्रेसवे को सीधे जेवर तक विस्तारित करने की योजना तैयार की गई। दिल्ली-एनसीआर में ट्रैफिक का दबाव कम करने के लिए एक तरफ जहाँ चिल्ला एलिवेटेड रोड का काम तेजी से चल रहा है, वहीं इस नए एक्सप्रेसवे के बन जाने से दिल्ली से सीधे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को एक बिना रुकावट वाला सिग्नल-फ्री कॉरिडोर मिल जाएगा।
