दिल्ली : पिछले दिनों दुबई से इजरायल के तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में कॉकपिट के अंदर पायलट पर चाकू से हमले मामले में एनआईए ने एक्शन लिया है। हवा के बीच हुए हमले के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने एंटी-हाइजैकिंग एक्ट और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत मामला दर्ज किया है। हमले में भारतीय कैप्टन ने हमलावर (सह-पायलट) से लोहा लेते हुए बुरी तरह घायल हुए थे। उनकी बहादुरी की वजह से विमान में सवार 174 यात्रियों की जान बच सकी। माना जा रहा है कि फ्लाइट को हाईजैक करने की कोशिश थी।
फ्लाईदुबई फ्लाइट अटैक मामले में NIA ने लिया एक्शन (फोटो-Twitter)
ताजा जानकारी के मुताबिक, NIA की FIR में एंटी-हाइजैकिंग एक्ट, 2016 की धारा 3 लगाई गई है। यह धारा बल प्रयोग, धमकी या डराने के जरिए विमान को हाईजैक करने के अपराध से संबंधित है। इसके अलावा, गैरकानूनी गतिविधियों संबंधित धाराओं के प्रावधान भी लगाए गए हैं। एजेंसी इन धाराओं के तहत हमले के पीछे संभावित साजिश की जांच करेगी।
FIR में UAPA की धारा 16, 18 और 20 भी शामिल हैं। इनके जरिए NIA हमले के पीछे किसी अकेले व्यक्ति की आतंकी मंशा, संभावित साजिश और कट्टरपंथ से जुड़े नेटवर्क की जांच करेगी।
क्या था पूरा मामला?
दरअसल, दुबई से फ्लाईदुबई एक फ्लाइट इजरायल के शहर तेल अवीव जा रही थी। फ्लाइट हवा में थी और इसी दौरान सऊदी अरब के आसपास कॉकपिट के अंदर पायलट पर चाकू से हमला किया गया। हमले में पायलट कैप्टन स्मित मच्छर घायल हो गए। घटना के बाद विमान को सऊदी अरब में इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। आरोप है कि सह-पायलट ने विमान को दुर्घटनाग्रस्त कराने की कोशिश के दौरान मुख्य पायलट पर हमला किया। मामले में गंभीरता से लेते हुए यूएई के अभियोदृजन जनरल ने घटना के जांच के आदेश दिए हैं। जांच में हमले की पूरी परिस्थितियों के पीछे की वजहों का पता लगाया जा रहा है। इस मामले अब एनआईए आगे की जांच करेगी।
