अगर आप मथुरा और बरेली के बीच सफर करते हैं तो आपको NH-530B से होकर जाना होता है। यह हाईवे सिर्फ दो लेन का होने की वजह से दिक्कतें होती थीं, जिसकी वजह से इसे चौड़ा करके 4 लेन का बनाया जा रहा है। चौड़ीकरण के इस काम के दौरान कई जगहों पर बाईपास भी बनाए जा रहे हैं, जिससे आपका सफर शहर की भीड़ से बचते हुए आसानी से पारू हो जाएगा। बता दें कि इस हाईवे के चौड़ीकरण का काम अपने अहम पड़ाव पर पहुंच चुका है। बता दें कि परियोजना में मथुरा से हाथरस के देवीनगर तक के लगभग 66 किमी का हिस्सा पहले ही बनकर तैयार हो चुका है। इस हिस्से को ट्रैफिक के लिए खोला भी जा चुका है। जबकि देवीनगर से बरेली तक के हिस्से में काम अलग-अलग चरण में पूरा किया जा रहा है, जहां निर्माण कार्य जारी है।
मथुरा-बरेली हाईवे के चौड़ीकरण का चल रहा है काम
इन शहरों को जोड़ता है हाईवे
NH-530B हाईवे बरेली को बदायूं, कासगंज, एटा और हाथरस से जोड़ता है। आगे यह मथुरा में NH-44 और यमुना एक्सप्रेसवे को भी कनेक्टिविटी देता है। इस तरह से जब यह पूरा कॉरिडोर तैयार हो जाएगा, तो पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इन शहरों के बीच रोड कनेक्टिविटी और भी मजबूत हो जाएगी।
बरेली-बदायूं पैकेज में बचा है काफी काम
NH-530B के पहले पैकेज में बरेली से चंदन नगर तक करीब 38 किलोमीटर और लगभग 8.5 किलोमीटर लंबा बदायूं बाईपास शामिल है। इस पूरे हिस्से का निर्माण कार्य 19 नवंबर 2025 को शुरू हुआ था और इसकी पहली डेडलाइन 18 नवंबर 2027 है। इस पैकेज पर काम शुरू हुए लगभग नौ महीने हो गए हैं। 9 महीने में इस पैकेज पर लगभग 34 फीसद काम पूरा हो चुका है। देवचरा, बिनावर और मलगांव बाईपास पर सब-बेस, अर्थवर्क और फ्लाईओवर के पियर्स का काम चल रहा है।
बदायूं बाईपास का लगभग 8.5 किलोमीटर हिस्सा अब PWD से NHAI के पास आ गया है। मौजूदा रफ्तार को देखते हुए इस पैकेज का नवंबर 2027 की पहली डेडलाइन तक पूरी तरह तैयार होना काफी मुश्किल लग रहा है।
बदायूं-कासगंज हिस्से में भी 40 फीसद ही काम पूरा
NH-530B के चौड़ीकरण का दूसरा पैकेज बदायूं से कासगंज तक बनाया जा रहा है। हाईवे को फोरलेन किए जाने का यह कार्य 30 मई 2025 से शुरू हुआ था। लगभग 15 महीने के निर्माण के बाद इस पैकेज का काम लगभग 40 फीसद तक पूरा हो चुका है। उझानी और कछला सहित कई बाईपास पर अर्थवर्क और सब-बेस का काम किया जा रहा है। यहां गंगा नदी पर नए पुल के पियर्स बनाए जा रहे हैं।
इस पैकेज में मेन कैरेजवे के कई हिस्सों में चौड़ीकरण और मेटल बीम क्रैश बैरियर लगाने का काम भी पूरा हो चुका है। इसकी मूल डेडलाइन 29 मई 2027 थी, जिसे अब आगे बढ़ाकर 31 दिसंबर 2027 किया गया है।
हाईवे के कई हिस्सों में काम अभी जारी है
कासगंज-देवीनगर पैकेज की डेडलाइन भी बढ़ी
कासगंज से देवीनगर बाईपास, हाथरस तक करीब 57.97 किलोमीटर हिस्से का काम अभी जारी है। इस पैकेज पर काम 6 जून 2024 को शुरू हुआ था और इसकी मूल डेडलाइन 5 जून 2026 थी, जो पहले ही निकल चुकी है। हालांकि, इस हिस्से का काम 77 फीसद तक पूरा हो चुका है।
अब इसकी डेडलाइन को बढ़ाकर 15 दिसंबर 2026 किया गया है। इस पैकेज में मेन कैरेजवे, कासगंज बाईपास और सिकंदरा राव बाईपास पर काम काफी आगे बढ़ चुका है। गई जगहों पर फ्लाईओवर और रोड लेइंग का काम जारी है। पैकेज पर काली नदी का ब्रिज तैयार है, जबकि लोअर गंगा कैनाल और NH-34 क्रॉसिंग का काम अपने अंतिम चरण में है। कुछ ग्रामीण हिस्सों में सर्विस रोड का काम नहीं हुआ है।
देवीनगर से मथुरा तक हाईवे पूरी तरह से तैयार
NH-530B के चौथे पैकेज में देवीनगर बाईपास से मथुरा तक लगभग 66 किलोमीटर का हिस्सा आता है। यह पूरा सेक्शन 100 फीसद तैयार हो चुका है और आम लोगों के लिए खोला भी जा चुका है। टोल प्लाजा के साथ हाईवे पर गाड़ियां फर्राटा मार रही हैं। इस हिस्से में हाथरस और राया बाईपास भी शामिल हैं और यह मथुरा में NH-44 व यमुना एक्सप्रेसवे से आकर जुड़ता है।
कब पूरा होगा NH-530B के चौड़ीकरण का काम
बरेली से मथुरा तक NH-530B की तस्वीर फिलहाल अलग-अलग पैकेज में बंटी हुई है। मथुरा-देवीनगर का 66 किलोमीटर हिस्सा चालू है, जबकि देवीनगर से कासगंज वाला हिस्सा अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है। बदायूं-कासगंज और बरेली-बदायूं सेक्शन में अभी काफी ज्यादा निर्माण कार्य बचा हुआ है।
मौजूदा प्रोग्रेस, आगे बढ़ाई गई डेडलाइन और बचे हुए फ्लाईओवर, बाईपास व सर्विस रोड के काम को देखते हुए पूरे NH-530B कॉरिडोर के 2028 तक पूरी तरह ऑपरेशनल होने की उम्मीद जतायी जा सकती है। हालांकि, अलग-अलग पैकेज की प्रोग्रेस और जमीन सहित स्थानीय अड़चनों के कारण अंतिम समयसीमा में आगे भी बदलाव संभव है।
सभी जानकारी और तस्वीरें इंफ्रा व्लॉगर मोहित कुमार के X हैंडल से @DetoxTravellerr ली गई हैं।
