मुंबई

मुंबई पुलिस को बड़ी सफलता, नकली कहानी बनाकर लूटा 2.29 करोड़ का सोना, चार आरोपी गिरफ्तार

Mumbai News: मुंबई पुलिस ने 2.29 करोड़ के सोने की डकैती के मामले को सुलझाते हुए एक बड़ा खुलासा किया। पुलिस ने बताया कि ज्वैलरी कंपनी के कर्मचारी और उसके राजस्थान के रिश्तेदारों ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया और बचने के लिए लूट की फर्जी कहानी बनाई। पुलिस ने वारदात को अंजाम देने वाले चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

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मुंबई पुलिस ने 2.29 करोड़ का सोना चोरी करने वाले चार लोगों को गिरफ्तार किया (फोटो - Canva)

Mumbai News: महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में पुलिस ने दिनदहाड़े डकैती के एक मामले को सुलझाते हुए 2.29 करोड़ रुपए के सोने के आभूषण बरामद किए हैं। यह डकैती सेवरी इलाके में हुई थी, जिसे एक ज्वैलरी कंपनी के कर्मचारी और उसके राजस्थान के रिश्तेदारों ने मिलकर अंजाम दिया था। लूट की वारदात को अंजाम देने वाले चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और चोरी का पूरा माल बरामद कर लिया है। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों ने लूट की नकली कहानी बनाकर डकैती को अंजाम किया।

दो करोड़ से अधिक के आभूषण बरामद

रफी अहमद किदवई (आरएके) मार्ग पुलिस के अनुसार घटना 13 अक्टूबर की दोपहर करीब ढाई बजे हुई। मास्टर चेन एंड ज्वेल्स के डिलीवरी एजेंट श्यामलभाई होथीभाई रबारी (31) और उनके सहयोगी जगदीश केराभाई आल, क्वालिटी एसे एंड हॉलमार्क एलएलपी से 2,067.143 ग्राम सोने के आभूषण लेकर कालाचौकी स्थित कंपनी के कारखाने जा रहे थे। सेवरी कोर्ट के पास जकारिया बंदर रोड पर दो मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने उनकी बाइक में टक्कर मारी। एक बदमाश ने पिस्तौल दिखाकर धमकाया और 2.29 करोड़ रुपए मूल्य का सोना लूटकर फरार हो गया।

आरोपियों को पकड़ने के लिए गठित की गई पुलिस की 8 टीम

न्यूज एजेंसी आईएएनएस के अनुसार, घटना की सूचना मिलते ही श्यामलभाई ने अपने नियोक्ता राज कोठारी को बताया, जिन्होंने आरएके मार्ग पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज की। पुलिस उपायुक्त रागसुधा आर (जोन 4) की देखरेख में वरिष्ठ निरीक्षक विनोद तावड़े ने आठ पुलिस टीमें गठित कीं। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की जांच से श्यामलभाई की कहानी पर संदेह हुआ। गहन जांच में पता चला कि श्यामलभाई ने अपने सहयोगी जगदीश और राजस्थान के दो रिश्तेदारों, भानाराम भगराज रबारी (21) और लीलाराम नागजी देवासी (21) के साथ मिलकर इस फर्जी डकैती की साजिश रची थी।

नकली डकैती का किया नाटक

पुलिस ने डिजिटल सुरागों के आधार पर भानाराम और लीलाराम को गुजरात के अहमदाबाद के ओधव गांव से पकड़ा, जब वे राजस्थान के जालोर जिले में अपने गांव भागने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने चारों आरोपियों से चोरी का पूरा सोना और उनके मोबाइल फोन बरामद किए। जांच में सामने आया कि श्यामलभाई पिछले छह-सात सालों से कंपनी में काम कर रहे थे और कंपनी की प्रक्रियाओं से अच्छी तरह वाकिफ थे। आर्थिक तंगी के कारण उन्होंने यह साजिश रची। आभूषण 11 अक्टूबर को हॉलमार्किंग के लिए दिए गए थे और 13 अक्टूबर को इन्हें लेने के बाद श्यामलभाई और जगदीश ने नकली डकैती का नाटक किया। पुलिस ने कुछ ही दिनों में मामले को सुलझा लिया, लेकिन अन्य संभावित अपराधों की जांच जारी है।

(इनपुट - आईएएनएस)

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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