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Mumbai News: महाराष्ट्र के इस गांव में रोज शाम को डेढ़ घंटे के लिए सब लोग बंद कर देते हैं मोबाइल फोन और टीवी, जानें क्या है वजह

  • Reported by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 9, 2022, 03:19 PM IST

Mumbai Crime News: महाराष्ट्र के सांगली में एक गांव ने डिजिटल डिटॉक्स से बचने के लिए खास पहल शुरू की है। जिससे गांव के लोगों और बच्चों के मोबाइल फोन और टीवी सेट का इस्तेमाल करने से बचाया जा सके। इस खास पहल के साथ के चलते रोज शाम को 90 मिनट के लिए गांव के लोग अपने घर का मोबाइल फोन और टीवी सेट बंद कर देते हैं।

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महाराष्ट्र के एक गांव की खास पहल (प्रतीकात्मक तस्वीर)

KEY HIGHLIGHTS
  • मोबाइल फोन और टीवी सेट का ज्यादा इस्तेमाल न करने के लिए खास पहल
  • रोज शाम को 90 मिनट के लिए गांव के लोग बंद करते हैं मोबाइल फोन और टीवी
  • मोबाइल फोन और टीवी बंद करने के बाद गांव के लोग लग जाते हैं पढ़ाई में

Mumbai Crime News: जब से इंटरनेट और मोबाइल फोन सस्ता हुआ है तब से हर घर में स्मार्ट फोन दिखने लगे हैं। कई शोध में भी सामने आया है कि, ज्यादा मोबाइल के इस्तेमाल के हर रोज लोग गंभीर बीमारी का शिकार हो रहे हैं। बीमार होने वालों में बच्चों की संख्या ज्यादा है। कई वैज्ञानिकों ने बच्चों के बीच मोबाइल फोन की लोकप्रियता को एक लत माना है। इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए महाराष्ट्र के सांगली में एक खास पहल शुरू की है, जो बच्चों को मोबाइल फोन और टीवी से दूर रख रही है। महाराष्ट्र के सांगली में एक गांव ने डिजिटल डिटॉक्स से गुजरने के लिए मोबाइल फोन और टीवी सेट के कम इस्तेमाल के लिए खास कदम उठाए हैं।

इस अनूठी पहल के माध्यम से ग्रामीणों को शाम को डेढ़ घंटे के लिए अपने मोबाइल फोन और टीवी सेट बंद करते हैं और पढ़ने की गतिविधियों में शामिल हो जाते हैं। सांगली के मोहितांचे वडगांव गांव में जैसे ही शाम के सात बजते हैं, सायरन बजने लगता है और लोगों को अपने मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को डेढ़ घंटे के लिए अलग रखने की सूचना दी जाती है।

इस साल स्वतंत्रता दिवस पर शुरू की पहल

फिर देखते ही देखते टीवी और मोबाइल बंद हो जाते हैं। बच्चे अपने घर पहुंच जाते हैं और किताब उठाकर पढ़ाई करना शुरू कर देते हैं। न केवल छात्र, बल्कि घर की महिलाएं और अन्य ग्रामीण भी अलग-अलग तरह की किताबों को पढ़ने में लग जाते हैं। सांगली का मोहितांचे वडगांव देश को 15 से ज्यादा स्वतंत्रता सेनानी दे चुका है। इतना ही नहीं इस गांव ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान एक खास भूमिका निभाई थी। मोहितांचे वडगांव के सरपंच द्वारा अपने ग्रामीणों को अपने डिजिटल उपकरणों को 90 मिनट के लिए अलग रखने का निर्देश इस साल 75वें स्वतंत्रता दिवस दिया गया है।

इसलिए शुरू की पहल

गांव के सरपंच विजय का कहना है कि, शाम 7 से 8:30 बजे तक मराठी में कई प्राइम टाइम सीरियल आते हैं जिसे गावं की ज्यादातर महिलाएं और अन्य ग्रामीण देखते हैं। उन्होंने कहा, अगर कोई छात्र इस दौरान अपनी पढ़ाई पर ध्यान देना भी चाहता है, तो भी उसका ध्यान टेलीविजन के शोर के कारण भटक जाता है। साथ ही, माता-पिता और बच्चों की बातचीत के बीच टेलीविजन और मोबाइल फोन बाधा बन रहे हैं। ग्रामीणों के फरमान का पालन हो सके इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, शिक्षकों और ग्राम पंचायत सदस्यों को शाम 7 से 8:30 बजे के बीच घरों का निरीक्षण करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। गांव के सरपंच द्वारा की गई पहल को ग्रामीणों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है और उम्मीद है कि, राज्य के अन्य गांव भी इसका पालन करेंगे और डिजिटल डिटॉक्स पहल को लागू करेंगे।
टाइम्स नाउ नवभारत
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