मुंबई पुलिस ने 82 वर्षीय एक सेवानिवृत्त IIT प्रोफेसर की संपत्ति धोखे से अपने नाम करवाकर उन्हें वृद्धाश्रम भेजने के आरोप में एक महिला के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी महिला निकिता नाइक ने देखभाल करने के नाम पर प्रोफेसर के विश्वास को छलते हुए उनकी तीन फ्लैटों सहित कुल छह करोड़ रुपये की संपत्ति हड़प ली।
पवई थाने के एक अधिकारी ने बताया कि मामला तब सामने आया जब प्रोफेसर का बेटा मई 2025 में उनसे मिलने मुंबई आया और देखा कि उनके पिता घर पर नहीं हैं। जानकारी लेने पर पता चला कि फरवरी में देखभाल करने वाली महिला उन्हें विक्रोली स्थित वृद्धाश्रम भेज चुकी है। बेटा तुरंत वहां पहुंचा, अपने पिता को वापस घर ले आया और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
करने लगी बैंकिंग के लेन-देन
शिकायत के मुताबिक, यह धोखाधड़ी जनवरी 2017 से मई 2025 के बीच हुई। प्रोफेसर पवई के हीरानंदानी गार्डन स्थित 'ग्लेन हाइट्स अपार्टमेंट' में अकेले रहते थे। वहीं योग करते समय 2017 में उनकी मुलाकात निकिता से हुई, जो बाद में उनके फ्लैट पर नियमित रूप से आने-जाने लगी और ‘केयरटेकर’ बन गई। पुलिस के मुताबिक, जैसे-जैसे प्रोफेसर की दृष्टि कमजोर होती गई, उन्हें फोन व बैंकिंग कार्यों में दिक्कत होने लगी। इसी का फायदा उठाते हुए महिला ने उनके बैंक और एटीएम विवरण अपने कब्जे में ले लिए और खुद बैंकिंग के लेन-देन करने लगी।
मामले की जांच जारी
अप्रैल 2025 में वह प्रोफेसर को कानूनी सहायता के बहाने पंजीकरण कार्यालय ले गई और उन्हें बिना जानकारी दिए दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवा लिए। आरोप है कि उसने प्रोफेसर की संपत्ति का एक तिहाई हिस्सा 'गिफ्ट डीड' के माध्यम से अपने नाम करवा लिया, साथ ही सोने के गहने, दस्तावेज, चेकबुक, और कार्ड भी अपने पास रख लिए। मामला तब उजागर हुआ जब आवासीय सोसाइटी ने शेयर सर्टिफिकेट उसके नाम पर ट्रांसफर करने का आवेदन प्रोसेस किया और इसकी सूचना प्रोफेसर के बेटे को दी। अब पुलिस ने आरोपी निकिता नाइक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
(इनपुट - भाषा)
