राजधानी दिल्ली को हर साल आने वाली बाढ़ से बचाने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। दिल्ली सरकार ने यमुना नदी के किनारे फ्लड प्रोटेक्शन वॉल (बाढ़ सुरक्षा दीवार) परियोजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत मजनू का टीला से ओल्ड रेलवे ब्रिज तक करीब 4.72 किलोमीटर लंबी मजबूत दीवार बनाई जाएगी, जिसे अगले मॉनसून से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता
बाढ़ और कटाव से मिलेगी राहत
रिंग रोड के किनारे बनने वाली यह दीवार बाढ़ के पानी को रिहायशी इलाकों में घुसने से रोकेगी। इससे सिविल लाइंस, कश्मीरी गेट, यमुना बाजार और मजनू का टीला जैसे संवेदनशील इलाकों को खास सुरक्षा मिलेगी। हर साल जलस्तर बढ़ने पर ये इलाके सबसे पहले प्रभावित होते हैं, जिससे सड़कें डूब जाती हैं और यातायात पूरी तरह ठप हो जाता है।
पुराने अनुभवों से लिया गया फैसला
सरकार के मुताबिक, 2023 में यमुना का जलस्तर 208.66 मीटर तक पहुंच गया था, जो अब तक का रिकॉर्ड स्तर है। वहीं 2025 में भी यह खतरे के निशान से ऊपर 207.48 मीटर तक गया। इन हालातों को देखते हुए स्थायी समाधान की जरूरत महसूस की गई। इसी आधार पर अगस्त 2024 में जॉइंट फ्लड कमिटी की रिपोर्ट के बाद इस परियोजना को मंजूरी दी गई।
पर्यावरण और शहर दोनों को फायदा
यह सुरक्षा दीवार सिर्फ बाढ़ से ही नहीं बचाएगी, बल्कि नदी किनारे होने वाले कटाव को भी रोकेगी। इससे आसपास की सड़कों और इमारतों की नींव सुरक्षित रहेगी। साथ ही अवैध कचरा फेंकने पर रोक लगेगी और यमुना के फ्लड-प्लेन व पारिस्थितिकी तंत्र को भी संरक्षण मिलेगा।
सरकार का कहना है कि इस परियोजना को युद्धस्तर पर पूरा किया जाएगा, ताकि राजधानी को हर साल की बाढ़ समस्या से स्थायी राहत मिल सके और शहर की बुनियादी संरचना भी मजबूत हो।
