Matrimonial Fraud: महाराष्ट्र की मीरा भयंदर-वसाई विरार (MBVV) पुलिस के क्राइम ब्रांच ने वैवाहिक विज्ञापनों के जरिए देश के अलग-अलग राज्यों में 25 से अधिक बेसहारा, तलाकशुदा और दिव्यांग महिलाओं को प्रेमजाल में फंसाकर करोड़ों रुपये ऐंठने वाले एक बेहद शातिर ठग को गिरफ्तार किया है। MBVV के पुलिस उपायुक्त (DCP - क्राइम) संदीप डोइफोडे ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि आरोपी की पहचान अनुजकुमार चंद्रप्रकाश त्रिवेदी के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तार किया है, जहां वह अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था। फिलहाल आरोपी न्यायिक हिरासत में है।
मैट्रिमोनियल साइट्स पर महिलाओं को लूटने वाला शातिर ठग अरेस्ट (सांकेतिक चित्र)
ऐसे खुला राज
इस हाई-प्रोफाइल ठगी का खुलासा तब हुआ जब महाराष्ट्र के ठाणे जिले के नयानगर थाने में 4 मार्च 2022 को एक 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने खुद को 'अजय अग्रवाल' बताकर अखबार में दिए गए वैवाहिक विज्ञापन के जरिए पीड़ित महिला की 45 वर्षीय बेटी से संपर्क किया और 1 मार्च 2019 को उससे शादी कर ली। शादी के बाद आरोपी ने मां-बेटी का भरोसा जीता और उन्हें मीरा रोड स्थित अपना फ्लैट बेचने के लिए मजबूर किया। उसने वादा किया कि वह एक नया फ्लैट और दो मंजिला मकान बनवाएगा। इस झांसे में आकर शिकायतकर्ता ने अलग-अलग किस्तों में आरोपी को 82 लाख रुपये नगद दे दिए।
डीसीपी संदीप डोइफोडे ने बताया कि 22 फरवरी 2022 को आरोपी एक रिश्तेदार की शादी का बहाना बनाकर पीड़िता को दिल्ली ले गया। दिल्ली रेलवे स्टेशन पर पहुंचते ही वह झांसा देकर महिला का 33 तोला सोना (जेवरात) लेकर रफूचक्कर हो गया। उसने पीड़िता को जबरन मुंबई जाने वाली ट्रेन में बैठा दिया और अपना मोबाइल फोन बंद कर लिया। मां-बेटी से कुल 97 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात का मामला दर्ज किया था।
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दिव्यांग और मजबूर महिलाएं थीं मुख्य टारगेट; बेटा भी देता था साथ
पुलिस की तकनीकी जांच और लोकेशन ट्रैकिंग के बाद आरोपी अनुज त्रिवेदी को 24 मई को ग्रेटर नोएडा से दबोचा गया। जांच के दौरान जो खुलासे हुए, उसने पुलिस को भी चौंका दिया। आरोपी 'अजय अग्रवाल', 'अजय संतोष सिंह' और 'जयप्रकाश रमेशचंद गुप्ता' जैसे कई फर्जी नामों से ऑपरेट करता था। वह जानबूझकर मानसिक रूप से कमजोर, शारीरिक रूप से दिव्यांग, तलाकशुदा और मजबूर महिलाओं को मैट्रिमोनियल साइट्स पर ढूंढता था और सहानुभूति दिखाकर उनसे शादी रचा लेता था। पुलिस ने बताया कि इस पूरे काले कारोबार में आरोपी का बेटा भी उसका साथ देता था, जिसे पुलिस ने इस मामले में सह-आरोपी बनाया है। ठगी के पैसों से आरोपी ने 20 लाख रुपये की एक लग्जरी कार खरीदी थी, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है। गिरफ्तारी के वक्त आरोपी के पास से तीन मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड और 'जयप्रकाश गुप्ता' के नाम पर बना एक फर्जी पहचान पत्र बरामद हुआ है। जांच में सामने आया है कि त्रिवेदी महाराष्ट्र के ही अमरावती में दर्ज एक अन्य मामले में भी वांटेड था, जहां उसने 'अजय संतोष सिंह' बनकर एक महिला से 25 लाख रुपये की ठगी की थी।
