नोएडा : नोएडा में बारिश के बाद सड़कों पर भरा पानी अब जानलेवा साबित हो रहा है। शुक्रवार को सामने आई एक हृदयविदारक घटना में एक युवक की बिजली के खंभे में उतरे करंट की चपेट में आने से मौत हो गई थी। परिजनों का आरोप है कि सड़क किनारे लगे पोल पर बिजली का करंट उतर आया, जिसके बाद आर्यन के खुले नारे में जा गिरा। परिजनों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सड़क किनारे पड़ी सिल्ट के कारण आर्यन को उसकी गहराई का अंदाजा नहीं हो पाया।
नोएडा में करंट लगने से एक युवक की मौत
मृतक के चाचा अमोल कुमार ने बताया कि उन्हें नोएडा से फोन आया था कि उनका भतीजा बीमार है और उसे अस्पताल ले जाया गया है। जब वे वहां पहुंचे, तो उन्हें पता चला कि उनके भतीजे की मृत्यु हो चुकी है। पीड़ित परिवार ने स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज की जांच की। फुटेज में पूरी घटना साफ तौर पर दिखाई दे रही है। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि इस तरह नाले खुले न रखें, जिससे कोई भी हादसे का शिकार हो।
टाइम्स नाउ नवभारत पर यह भी पढ़ें - दिल्ली और गाजियाबाद में बारिश बनी काल, पानी में डूबने से दो मासूमों की मौत; गुस्साए लोगों ने किया प्रदर्शन
सड़क पर करीब तीन फीट तक पानी भरा हुआ था। युवक जैसे ही आगे बढ़ा, उसका पैर अचानक नाले में चला गया। संतुलन बिगड़ते ही युवक पास में मौजूद बिजली के खंभे की ओर बढ़ा, जो करंट की चपेट में था। खंभे को छूते ही उसे जोरदार करंट लगा और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटनास्थल पर मिली एक पर्ची (slip) के जरिए युवक की पहचान हो सकी। फिलहाल पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि खुले खंभे में करंट कैसे उतरा और इतने जलभराव के लिए कौन जिम्मेदार है।
परिजनों ने बताया कि आर्यन नोएडा में रहकर सुपरवाइजरी का काम करता था। वह अपनी मां की इकलौता बेटा था, जबकि उसके पिता की पहले ही मृत्यु हो चुकी है। उसकी मौत से परिवार को बड़ा सदमा लगा है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि गुरुवार को भी गाजियाबाद में सड़क किनारे लगे ट्रांसफार्मर से पानी में उतरे करंट की चपेट में आकर एक सिक्योरिटी गार्ड की मौत हो गई थी, जिसके बाद लोगों ने बिजली विभाग पर लापरवाही के आरोप लगाए थे।
नोएडा सड़कों पर भरे पानी ने एक बार फिर सिस्टम के खोखले दावों की पोल खोल दी है। सवाल यह नहीं है कि युवक का पैर फिसला या नहीं, सवाल यह है कि सड़क पर जलभराव के बीच बिजली का खंभा 'मौत का जाल' कैसे बना?
