लखनऊ

जल जीवन मिशन के तहत 5.31 करोड़ में बनी पानी की टंकी, डेढ़ साल से पहले ही गिरी

उत्तर प्रदेश के सीतापुर में 5.31 करोड़ में बनी पानी की टंकी अचानक ताश के पत्तों की तरह ढह गई। 8 गांवों के 5000 लोगों की प्यास बुझाने वाले इस टैक के ढह जाने से हर कोई हैरान है। लेकिन यह पहला मौका नहीं है, बल्कि सीतापुर में यह दूसरा और यूपी में पांचवां ऐसे मामला है।

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सीतापुर में पानी का टैंक गिरा

Photo : Twitter

उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में 8 गांवों के लोग पानी के एक बड़े टैंक के भरोसे थे। यह टैंक 5 हजार लोगों की प्यास बुझाता था। लेकिन गुरुवार को यही टैंक कच्ची मिट्टी के टीले की तरह ढह गया।

यहां के चुंकाव बेहेमा में बना 3500 लीटर का जिंकलम टैंक स्थानीय लोगों के लिए लाइफलाइन था। इस टैंक को महत्वाकांक्षी हर घर जल योजना के तहत बनाया गया था। चिंताजनक बात यह है कि सीतापुर में ही यह दूसरा टैंक है जो इस तरह से ढहा है। पूरे राज्य में ऐसे ही पांच टैंक गिर चुके हैं। इस तरह से गिरते टैंक भ्रष्टाचार की तरफ भी इशारा करते हैं और हर व्यक्ति तक स्वच्छ जल पहुंचाने के प्रयासों में दरार को भी उजागर करते हैं।

टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार चुंकाव बेहेमा गांव और आसपास के 7 अन्य गांवों के 845 घरों तक पानी पहुंचाने के लिए इस टैंक का निर्माण किया गया था। 5.31 करोड़ की लागत से बने इस टैंक को जनवरी 2024 में ही जनता को समर्पित किया गया था। टैंक के सुरक्षा गार्ड शत्रोहन लाल के अनुसार यह टैंक ताश के पत्तों की तरह ढह गया था।

ज्ञात हो की हर घर जल योजना ग्रामीण इलाकों तक नल से जल पहुंचाने की एक खास स्कीम है, जो जल जीवन मिशन का हिस्सा है। मामले की तह तक जाने के लिए जल जीवन मिशन ने एक हाई लेवल कमेटी बनाई है। जिसमें रूरल वाटर कॉर्पोरेशन के चीफ इंजीनियर और मिशन के कर्मचारी और सुप्रीटेंडिंग इंजानियर भी शामिल हैं। इनसे तीन दिन में रिपोर्ट मांगी गई है।

इधर अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव जो मिशन के डायरेक्टर भी हैं, ने सीतापुर के सभी हर घर जल टैंक के टेक्निकल ऑडिट का ऑर्डर दिया है। ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं और न हों।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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