...अगर बिजली बिलों के भुगतान में की होगी गड़बड़ी, तो वसूल लिए जाएंगे पूरे रुपये; आ गया आदेश

अनियमित तरीके से बिलों के भुगतान की शिकायत की जांच कराई गई थी, जिसमें डॉ. राजीव दोषी पाए गए। लिहाजा उनकी एक वेतनवृद्धि रोक दी गई। साथ ही उनसे 4,35,000 रुपए की वसूली करने तथा परिनिन्दा का दंड दिया गया है।

लखनऊ : बिलों के भुगतान में गड़बड़ी करना मिर्जापुर के तत्कालीन (वर्ष 2022) मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजीव सिंघल को महंगा पड़ा। डॉ. राजीव मौजूदा समय में मेरठ के प्यारे लाल शर्मा जिला चिकित्सालय में वरिष्ठ परामर्शदाता के पद पर तैनात हैं। अनियमित तरीके से बिलों के भुगतान की शिकायत की जांच कराई गई थी, जिसमें डॉ. राजीव दोषी पाए गए। लिहाजा उनकी एक वेतनवृद्धि रोक दी गई। साथ ही उनसे 4,35,000 रुपए की वसूली करने तथा परिनिन्दा का दंड दिया गया है। प्रदेश भर में नर्सों के तबादले में अनियमितताओं में गड़बड़ी की शिकायत मिली थी। मामले की जांच कराई गई। जांच में उस वक्त निदेशक चिकित्सा उपचार पद की जिम्मेदारी निभा रहे डॉ. पीएम श्रीवास्तव को दोषी पाया गया।

Electriccity Bill recovery Order in UP

(सांकेतिक फोटो-Istock)

डॉ. पीएम श्रीवास्तव सेवानिवृत्त हो चुके हैं। डॉ. पीएम श्रीवास्तव की पेंशन से तीन साल तक 10 प्रतिशत के हिसाब से कटौती के आदेश दिए गए हैं। प्रयागराज के राजकीय मेडिकल कॉलेज में नेफ्रोलॉजी विभाग के आचार्य एवं विभागाध्यक्ष डॉ. अरविंद गुप्ता पर प्राइवेट प्रैक्टिस के आरोप लगे हैं। जांच में आरोप सही पाए गए। लिहाजा उनकी तीन वेतनवृद्धियों को स्थायी रूप से रोक दिया गया है।

End of Feed