केदारनाथ : उत्तराखंड में भारी बारिश से जनजीवन पर बुरा असर पड़ रहा है। बाढ़ और लैंडस्लाइड से हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। खासकर, केदारनाथ यात्रा पर इसका विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। क्योंकि, मुनकटिया पर बार-बार पहाड़ी से बोल्डर और मलवा राजमार्ग पर पहुंच रहा है, जिसके बाद उसे आवाजाही के लिए बंद करना पड़ रहा है। एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के जवान जंगल के रास्ते पैदल मार्ग से तीर्थ यात्रियों को सुरक्षित निकाल रहे हैं।
केदारनाथ से सोनप्रयाग लौट रहे तीर्थ यात्रियों के फंसे होने की आशंका के बीच उनका रेस्क्यू किया जा रहा है। मुनकटिया में रास्ता साफ होने के बाद यात्री सोनप्रयाग से केदारनाथ भेजे जा रहे हैं। आपको बता दें कि पिछले एक सप्ताह से मनकुटिया राजमार्ग पर लैंडस्लाइड से हालात खराब हैं, जिससे केदारनाथ यात्रा पर बार-बार अड़टने आ रही हैं।
उधर, केदारनाथ हाईवे पर काकड़ा गाड़ के आसपास यात्रा कठिन साबित हो रही है। यहां पर भी ऊपरी पहाड़ी से लगातार भूस्खलन हो रहा है, जिस कारण यहां भी बार-बार राजमार्ग बाधित हो रहा है। इस स्थान पर भी लगातार खतरा बना हुआ है। देश-विदेश से केदारनाथ यात्रा पर आ रहे श्रद्धालु एवं स्थानीय जनता काकड़ा गाड़ में जान हथेली पर रखकर सफर करने को मजबूर है।
कैसे पहुंचे केदारनाथ धाम
जानकारी के मुताबिक, मार्ग के दुरुस्त होने के बाद यात्री सोनप्रयाग से मुनकटिया स्लाइडिंग जोन से होते हुए गौरीकुण्ड तक पैदल चलकर जायेंगे। 6 किमी. का अतिरिक्त पैदल सफर सहित करीबन 24 किमी. का पैदल ट्रैक करेंगे। बारिश के कारण गौरीकुण्ड से केदारनाथ धाम तक का सम्पूर्ण पैदल मार्ग चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। लिहाजा, प्रशासन ने केदारनाथ धाम आ रहे श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मौसम विभाग के पूर्वानुमान के हिसाब से अपनी यात्रा प्लान करें और पुलिस प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों के क्रम में अपनी यात्रा करें।
