Kota Building Collapse: शनिवार की शाम कोटा के इंद्रविहार इलाके में एक बहुमंजिला इमारत के अचानक गिर जाने से इलाके में मातम पसर गया। ताजा जानकारी के मुताबिक कोटा संभागीय आयुक्त अनिल कुमार अग्रवाल ने पुष्टि की है कि हादसे में दो लोगों की मौत हो गई है। बचाव दल ने मलबे से अब तक 13 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया है। बताया जा रहा है कि इमारत ऊपर से नीचे की तरफ पूरी तरह जमींदोज हो गई, जिससे वहां काम कर रहे मजदूरों और आसपास मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
मलबे से घायलों को निकालने की कोशिश करती रेस्क्यू टीम
ड्रिलिंग और बिल्डिंग की गुणवत्ता पर सवाल
शुरुआती जांच में इस हादसे के पीछे बड़ी लापरवाही के संकेत मिल रहे हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इमारत में ड्रिलिंग का काम चल रहा था, जिसे लेकर पहले भी आपत्तियां जताई गई थीं। संभागीय आयुक्त ने संकेत दिया कि निर्माण सामग्री की खराब गुणवत्ता या तकनीकी खामी इस हादसे की वजह हो सकती है। प्रशासन ने अब पूरी निर्माण प्रक्रिया की तकनीकी जांच के आदेश दे दिए हैं ताकि दोषियों की पहचान की जा सके।
ओम बिड़ला ने जताया शोक
लोकसभा अध्यक्ष और कोटा सांसद ओम बिरला ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी संवेदनाएं साझा करते हुए बताया कि वे लगातार जिला कलेक्टर और प्रशासन के संपर्क में हैं। बिरला ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बचाव कार्य में कोई ढील न बरती जाए और घायलों को इलाज में हर संभव मदद दी जाए। उन्होंने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी एकजुटता जताई है।
रेस्क्यू टीमें मलबे में तलाश रहीं जिंदगी
हादसे के तुरंत बाद कोटा जिला कलेक्टर पीयूष सामरिया ने मोर्चा संभाला और राहत कार्यों की निगरानी की। मौके पर नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (NDRF), स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (SDRF) और फायर ब्रिगेड की टीमें मलबे के नीचे दबे संभावित लोगों की तलाश में जुटी हुई हैं। भारी मशीनों के जरिए कंक्रीट और सरियों के जाल को काटा जा रहा है ताकि किसी भी जीवित बचे व्यक्ति को समय रहते निकाला जा सके।
