स्वतंत्रता दिवस से पहले पूरे जम्मू-कश्मीर में 'हर घर तिरंगा' अभियान को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। इसी कड़ी में दक्षिण कश्मीर के काजीगुंड इलाके में बीजेपी महिला विंग की उपाध्यक्ष रुमाइसा रफीक ने 60 फीट ऊंचे खंभे पर शान से तिरंगा फहराया। इस दौरान स्थानीय नागरिकों, स्कूली बच्चों और कार्यकर्ताओं ने बड़े ही उत्साह के साथ वंदे मातरम और भारत माता के जयकारे लगाए।
'हर घर तिरंगा' से गूंजा कश्मीर
वर्ष 2026 में भारत अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस (80th Independence Day) मना रहा है। 15 अगस्त 1947 को मिली आजादी के बाद से देश लगातार प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है और यह दिन हर भारतीय के लिए गर्व का प्रतीक है।
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'हर घर तिरंगा' अभियान कब, क्यों और क्या है टारगेट?
केंद्र सरकार और बीजेपी द्वारा यह अभियान हर साल 9 अगस्त से 15 अगस्त के बीच बड़े पैमाने पर चलाया जाता है। इसकी शुरुआत 2022 में 'आजादी का अमृत महोत्सव' के तहत हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य हर नागरिक के दिल में देशभक्ति की भावना को जगाना और राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान बढ़ाना है। इस साल बीजेपी और सरकार का टारगेट देश के 20 करोड़ से अधिक घरों, दुकानों और संस्थानों पर तिरंगा फहराने का है, ताकि कश्मीर से कन्याकुमारी तक एकता का संदेश दिया जा सके।
वंदे मातरम के 150 साल का क्या मतलब है?
राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' की रचना बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने 1875 में की थी। इस वर्ष यानी 2025-26 में वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे हो रहे हैं। इस ऐतिहासिक उपलब्धि को यादगार बनाने के लिए 'हर घर तिरंगा' अभियान में वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ को भी शामिल किया गया है, ताकि युवा पीढ़ी देश के गौरवशाली इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम के प्रतीकों से गहराई से जुड़ सके।
