कल का मौसम (Kal Ka Mausam): मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। हालांकि अब भी जो थोड़े-बहुत इलाके बचे हैं वहां भी यह अपनी पकड़ जल्द ही बना लेगा। मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, ओडिशा समेत कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक, तेज हवाओं और कुछ इलाकों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। वेदर सिस्टम की बात करें तो उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तथा उत्तर ओडिशा–पश्चिम बंगाल तट से लगे क्षेत्र में बना गहरा निम्न दबाव क्षेत्र अब अवदाब (डिप्रेशन) में बदल गया है।
अगले 24 घंटों में इसके पश्चिम-उत्तरपश्चिम दिशा में बढ़ते हुए बालासोर के निकट चांदबली और दीघा के बीच उत्तर ओडिशा तट को पार करने की संभावना है। इसके बाद अगले 24 घंटों के दौरान यह उत्तर ओडिशा और उत्तर छत्तीसगढ़ से होकर आगे पश्चिम-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ सकता है। वहीं, मौसमी द्रोणिका दक्षिण-पश्चिम राजस्थान से पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तक निचले क्षोभमंडलीय स्तरों में सक्रिय बनी हुई है। इसके अलावा, लगभग 21° उत्तरी अक्षांश के आसपास निचले और ऊपरी क्षोभमंडल में एक शियर ज़ोन मौजूद है। समुद्र तल पर अपतटीय द्रोणिका दक्षिण गुजरात से केरल तट तक फैली हुई है, जबकि एक पश्चिमी विक्षोभ मध्य और ऊपरी क्षोभमंडलीय स्तरों में लगभग 72° पूर्वी देशांतर के साथ 30° उत्तरी अक्षांश के उत्तर में सक्रिय है।
मानसून का लेटेस्ट अपडेट
5 जुलाई 2026 तक दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा 22° उत्तरी अक्षांश/60° पूर्वी देशांतर से शुरू होकर 22° उत्तरी अक्षांश/65° पूर्वी देशांतर, जामनगर, उदयपुर, अजमेर, झुंझुनूं, हिसार, भटिंडा और 32.5° उत्तरी अक्षांश/70° पूर्वी देशांतर तक बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों के दौरान परिस्थितियां अनुकूल रहने की संभावना है, जिससे मानसून उत्तर अरब सागर के कुछ और हिस्सों, गुजरात के अतिरिक्त क्षेत्रों, हरियाणा और पंजाब के बाकी इलाकों तथा राजस्थान के कुछ और भागों में आगे बढ़ सकता है।
दिल्ली-एनसीआर में कल का मौसम
दिल्ली-एनसीआर में कल पूरे दिन आसमान पर बादलों का डेरा रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार सुबह से दोपहर के दौरान कई इलाकों में हल्की से बहुत हल्की बारिश हो सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाएं 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। शाम और रात के समय भी इसी तरह हल्की से मध्यम बारिश, बिजली चमकने और तेज हवाओं का दौर जारी रहने के आसार हैं। अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। न्यूनतम तापमान सामान्य के आसपास रहेगा, जबकि अधिकतम तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक कम दर्ज किया जा सकता है। हवा की दिशा सुबह दक्षिण-पूर्व से रहने की संभावना है, जिसकी गति 25 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। दोपहर में हवाएं पूर्व दिशा से करीब 15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी, जबकि शाम और रात में फिर से दक्षिण-पूर्वी हवाओं की गति बढ़कर लगभग 20 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
यूपी में कल का मौसम कैसा रहेगा?
6 जुलाई को उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मानसून सक्रिय रहेगा। पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश दर्ज की जा सकती है। खासकर पूर्वी उत्तर प्रदेश में 6 से 8 जुलाई के बीच कहीं-कहीं भारी वर्षा होने के आसार हैं, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 6 से 8 जुलाई तक गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना बनी रहेगी। प्रदेश के कुछ हिस्सों में तेज हवाएं 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं, जिनके झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है।
बिहार में आने वाले पांच दिनों का मौसम
बात अगर बिहार की करें तो कल से अगले पांच दिनों के दौरान मानसून का अच्छा खासा असर देखने को मिलेगा। इस दौरान राज्य के अधिकांश जिलों में रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। 6 जुलाई को कुछ इलाकों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने तथा उनके झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है। 6 से 8 जुलाई के बीच राज्य के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है, जबकि 11 जुलाई को भी कहीं-कहीं भारी वर्षा के आसार बने रहेंगे। मौसम विभाग ने 6 जुलाई को बिहार के कुछ क्षेत्रों में मध्यम से तीव्र आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, खेतों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने तथा बिजली चमकने के समय सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी गई है।
राजस्थान के इन जिलों में रहेगा मानसून सबसे ज्यादा एक्टिव
राजस्थान में दक्षिण-पश्चिमी मानसून दस्तक दे चुका है, जिसकी वजह से राज्य के कई हिस्सों में बीते दो-तीन दिनों से राज्य में लगातार मेघगर्जन, तेज हवाओं और बारिश की गतिविधियां दर्ज की जा रही हैं। राजस्थान मौसम विभाग के डायरेक्टर राधेश्याम शर्मा ने समाचार एजेंसी आईएएनएस को बताया कि मानसून फिलहाल पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में आगे बढ़ चुका है। आने वाले तीन से चार दिनों तक पूर्वी राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। इसके साथ ही राज्य के अधिकतर क्षेत्रों में मानसून सक्रिय रहेगा और मौसम में नमी बनी रहेगी। राधेश्याम शर्मा ने बताया कि पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों को छोड़कर राज्य के अधिकांश हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक आंधी और बारिश का दौर जारी रह सकता है। मानसून की सक्रियता के कारण राज्य के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है और कई स्थानों पर तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक की कमी देखी गई है। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में मानसून की उत्तरी सीमा उदयपुर, अजमेर और झुंझुनूं से होकर गुजर रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो से तीन दिनों में मानसून राज्य के और अधिक हिस्सों में आगे बढ़ सकता है, जिससे बारिश का दायरा और विस्तृत होगा। आगामी 5 से 7 दिनों के दौरान जयपुर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर और अजमेर संभाग में मानसून सक्रिय रहने की संभावना जताई गई है।
ओडिशा के सभी जिलों में हाई अलर्ट
बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र और गहरा होकर अवदाब में बदल गया है, जिसके कारण ओडिशा के सभी जिलों के लिए हाई अलर्ट जारी किया गया है। इसके असर से अगले कुछ दिन में राज्य में भारी बारिश होने की संभावना है। IMD ने कहा कि उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी ओडिशा-पश्चिम बंगाल के तटों के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र और गहरा होकर अवदाब में तब्दील हो गया है। आईएमडी ने संबलपुर, अंगुल, बौद्ध, सोनपुर और कंधमाल जिलों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने किसी भी आपदा की स्थिति में लोगों को जरूरी कदम उठाने के लिए तैयार रहने की सलाह देते हुए 19 अन्य जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट और छह अन्य जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। कम दबाव के इस क्षेत्र के प्रभाव के कारण पांच जुलाई से सात जुलाई तक समुद्र में बहुत ऊंची लहरें उठने और स्थिति बेहद खराब रहने की आशंका है। इसके मद्देनजर मछुआरों को इस अवधि के दौरान समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
तेज हवाओं का जारी हुआ अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार 6 जुलाई की सुबह तक उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तथा ओडिशा, पश्चिम बंगाल और उत्तर आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इस दौरान हवा के झोंके 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। 6 जुलाई की शाम से इन हवाओं की तीव्रता कुछ कम होकर 40 से 50 किमी प्रति घंटे रह सकती है, जबकि झोंकों की गति 60 किमी प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है। यह स्थिति 7 जुलाई की सुबह तक बनी रह सकती है। इसके अलावा, 5 और 6 जुलाई को मध्य और उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी में 35 से 45 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने तथा उनके झोंके 55 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। वहीं, 6 जुलाई को उत्तर आंतरिक ओडिशा, उत्तर छत्तीसगढ़ और झारखंड से लगे क्षेत्रों में 35 से 45 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
पूर्वोत्तर भारत में अगले कुछ दिनों का मौसम
पूर्वोत्तर भारत के बारे में IMD का कहना है कि 6 जुलाई को अरुणाचल प्रदेश तथा असम-मेघालय में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं 7 से 11 जुलाई के बीच इन राज्यों में वर्षा की गतिविधियां और तेज होने की संभावना है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 6 से 11 जुलाई तक अधिकांश स्थानों पर बारिश का दौर जारी रह सकता है। इसके अलावा, 6 से 9 जुलाई तक अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय तथा 6 से 9 जुलाई के दौरान नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में गरज-चमक की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। भारी बारिश की बात करें तो अरुणाचल प्रदेश में 6 से 11 जुलाई के बीच तथा असम-मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम एवं त्रिपुरा में 6 से 11 जुलाई तक कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है।
