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Kal Ka Mausam: देशभर में बदलेगा मौसम का मिजाज; कोहरे और ठंड का बढ़ेगा अटैक, पहाड़ों पर बर्फबारी का अलर्ट

Kal Ka Mausam, 15 December 2025, कल का मौसम कैसा रहेगा, Aaj Aur Kal ka Mausam kaisa Rahega: दिसंबर के मध्य में देशभर में मौसम ने अलग-अलग रूप दिखाने शुरू कर दिए हैं। कहीं कड़ाके की ठंड और घना कोहरा लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहा है, तो दिल्ली एनसीआर में वायु प्रदूषण गंभीर स्तर पर पहुंच चुका है। पहाड़ी इलाकों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का असर अब मैदानी क्षेत्रों तक महसूस किया जा रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में तापमान, कोहरा और वायु गुणवत्ता को लेकर सतर्कता बेहद जरूरी हो गई है। ऐसे में, आइए जानें कल का मौसम कैसा रहेगा?

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कल का मौसम 15 दिसंबर 2025

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Kal Ka Mausam (कल का मौसम कैसा रहेगा): दिसंबर के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम का मिज़ाज लगातार बदलता हुआ नजर आ रहा है। दिल्ली-एनसीआर में बेहद खराब वायु गुणवत्ता होने के कारण ग्रैप-4 लागू हो गया। इसके साथ ही, ग्रामीण इलाकों में घने कोहरे का असर दिखाई दे रहा है, जबकि शहरी क्षेत्रों में स्मॉग छाया हुआ है। बीते 24 घंटों में न्यूनतम तापमान में अलग-अलग क्षेत्रों में बदलाव दर्ज किया गया है। जम्मू-कश्मीर, गुजरात, मध्य महाराष्ट्र और तेलंगाना के कई स्थानों पर तापमान 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ा है। वहीं हरियाणा, झारखंड, उत्तर आंतरिक कर्नाटक तथा केरल और माहे के कुछ हिस्सों में भी हल्की बढ़ोतरी देखी गई। इसके विपरीत तमिलनाडु, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के कुछ क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है।

मौसम प्रणाली की बात करें तो उत्तर पाकिस्तान के ऊपर निचले क्षोभमंडल में एक पश्चिमी विक्षोभ ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है। इसके अलावा, मध्य क्षोभमंडल में लगभग 55° पूर्व देशांतर और 30° उत्तर अक्षांश के उत्तर में एक अन्य पश्चिमी विक्षोभ गर्त के रूप में बना हुआ है। पश्चिम और उससे सटे उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम सक्रिय है, जिसकी मुख्य हवाओं की गति समुद्र तल से करीब 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 95 नॉट तक दर्ज की गई है। इसके साथ ही, 17 दिसंबर 2025 की रात से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करने वाला एक नया कमजोर पश्चिमी विक्षोभ आने की संभावना है। इन मौसमी परिस्थितियों के प्रभाव से 15 दिसंबर को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कुछ इलाकों में हल्की बारिश या बर्फबारी हो सकती है। वहीं हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और अरुणाचल प्रदेश में 15 से 17 दिसंबर के बीच हल्की वर्षा अथवा स्नोफॉल की संभावना जताई गई है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 15 से 18 दिसंबर के दौरान गरज-चमक के साथ बारिश होने तथा 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की आशंका है। IMD ने ठंड को लेकर भी चेतावनी जारी की गई है। 15 और 16 दिसंबर को तेलंगाना और आंतरिक कर्नाटक के कुछ हिस्सों में शीतलहर की स्थिति बने रहने की प्रबल संभावना है, जबकि 15 दिसंबर को उत्तर आंतरिक कर्नाटक में गंभीर शीतलहर का खतरा है। कोहरे की बात करें तो 15 और 16 दिसंबर को उत्तर प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने की संभावना है, जिसमें 15 दिसंबर को अत्यंत घने कोहरे की स्थिति बन सकती है। इसके अलावा, उत्तर-पूर्वी भारत में 15 से 19 दिसंबर तक, हिमाचल प्रदेश में 15 से 17 दिसंबर तक तथा पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश में 15 और 16 दिसंबर को कई स्थानों पर घना कोहरा बने रहने की संभावना जताई गई है।

दिल्ली में कल का मौसम

दिल्ली में कल यानी 15 दिसंबर को आसमान साफ रहेगा। सुबह के समय अधिकांश इलाकों में हल्का कोहरा छाया रह सकता है, जबकि कुछ स्थानों पर मध्यम स्तर का कोहरा देखने को मिलेगा। दिल्ली में अधिकतम तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच और न्यूनतम तापमान 7 से 9 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। न्यूनतम तापमान सामान्य से लगभग 0.4 से 1.0 डिग्री सेल्सियस अधिक रह सकता है, जबकि अधिकतम तापमान भी सामान्य से करीब 2 डिग्री सेल्सियस तक ऊपर रहने की संभावना है। सुबह के समय हवा मुख्य रूप से उत्तर-पश्चिम दिशा से चलेगी और इसकी रफ्तार लगभग 10 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है। दोपहर के दौरान उत्तर-पश्चिमी हवाओं की गति बढ़कर करीब 15 किलोमीटर प्रति घंटा होने की संभावना है। वहीं शाम और रात के समय हवा की दिशा उत्तर-पश्चिम ही बनी रहेगी, लेकिन इसकी गति घटकर लगभग 10 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है।

दिल्ली में वायु गुणवत्ता का हाल

दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में रविवार को वायु प्रदूषण की स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 400 से ऊपर दर्ज किया गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, प्रदूषण गंभीर श्रेणी में पहुंच चुका है। राजधानी में पूरी रात घनी धुंध छाई रही, जिसके कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह के समय दिल्ली का एक्यूआई 459 दर्ज किया गया, जबकि नोएडा में यह 469 और ग्रेटर नोएडा में 442 तक पहुंच गया। सीपीसीबी के मानकों के अनुसार, 0 से 50 के बीच एक्यूआई को ‘अच्छा’, 51 से 100 ‘संतोषजनक’, 101 से 200 ‘मध्यम’, 201 से 300 ‘खराब’, 301 से 400 ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच ‘गंभीर’ श्रेणी में रखा जाता है। वहीं, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण की स्थिति और न बिगड़े, इसके लिए ‘ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान’ (GRAP) के चौथे चरण के अंतर्गत कड़े प्रतिबंध लागू कर दिए हैं, जो शनिवार से प्रभावी हो चुके हैं।

यूपी में कल का मौसम कैसा रहेगा?

प्रदेश में मौसम के मिजाज में बदलाव देखा जा रहा है। बीते तीन–चार दिनों से उत्तर-पश्चिमी हवाओं के प्रभाव के कारण न्यूनतम और अधिकतम तापमान में काफी गिरावट दर्ज की गई, जिससे सुबह और शाम की ठंडक बढ़ गई है। मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, अगले 48 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि पश्चिमी विक्षोभ के असर के खत्म होने के बाद तापमान में फिर से गिरावट आने की संभावना जताई गई है। राजधानी लखनऊ में रविवार को सुबह और शाम के समय हल्की धुंध के साथ मिश्रित कोहरा देखने को मिला, जबकि दिन में तेज धूप खिली रही। सुबह-शाम गुलाबी ठंड का असर बना रहा। यहां अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य स्तर पर रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 10.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से करीब 1 डिग्री अधिक है। मौसम विभाग के अनुसार, कल यानी सोमवार को भी सुबह और शाम हल्का कोहरा छाए रहने की संभावना है। दिन के समय आसमान साफ रहेगा। इस दौरान अधिकतम तापमान लगभग 25 डिग्री और न्यूनतम तापमान करीब 11 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

बिहार में कल के मौसम का हाल

बिहार मौसम सेवा केंद्र ने राज्य में कोहरे को लेकर ताज़ा पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग के मुताबिक, अगले दो दिनों तक बिहार के कई जिलों में रात और सुबह के समय मध्यम से लेकर घना कोहरा छाए रहने की आशंका है। इसका असर आम जनजीवन के साथ-साथ सड़क और रेल यातायात पर भी पड़ सकता है। मौसम विभाग ने बताया कि पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, रोहतास, कैमूर, मधुबनी, दरभंगा, अररिया, किशनगंज, गया, औरंगाबाद, बांका और भागलपुर जिलों के कुछ क्षेत्रों में कोहरे का प्रभाव अधिक रहने की संभावना है। इन इलाकों में सुबह के समय दृश्यता काफी कम हो सकती है। विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है। हालांकि अगले सप्ताह तक राज्य में मौसम शुष्क और साफ बना रहने का अनुमान है और इस अवधि में बारिश की कोई संभावना नहीं जताई गई है।

राजस्थान ऐसा रहेगा मौसम

इस सर्दी के मौसम में पहली बार राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में घने कोहरे की स्थिति देखने को मिली है। मौसम विभाग के अनुसार, 18 दिसंबर से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के संकेत हैं, लेकिन उससे पहले हवा की दिशा और गति में आए बदलाव के चलते बीती रात से दौसा, भरतपुर और चित्तौड़गढ़ जिलों में घना कोहरा छा गया। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि विंड पैटर्न में बदलाव के कारण वातावरण में नमी बढ़ गई है, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों की ठंडी हवा अब मैदानी इलाकों तक पहुंचने लगी है। कई स्थानों पर सापेक्ष आर्द्रता 90 प्रतिशत या उससे अधिक दर्ज की गई है। अनुमान है कि आने वाले दिनों में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से शीतलहर चल सकती है और प्रदेश के उत्तर-पूर्वी हिस्सों में घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। अगले सप्ताह के मध्य तक राजस्थान के अधिकांश शहरों में मौसम शुष्क बना रहने का अनुमान है। हालांकि, वीकेंड के आसपास उत्तर-पूर्वी इलाकों में एक और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने और ठंडी हवाओं के चलने के आसार हैं, जिसके चलते दिसंबर के अंतिम सप्ताह में राज्य के अधिकतर शहरों में तेज सर्दी का असर महसूस किया जा सकता है।

मध्य प्रदेश में कल का मौसम कैसा रहेगा?

दिसंबर के महीने में ठंड ने अपना असर तेज कर दिया है। रात के समय चल रही ठंडी हवाओं के कारण राजधानी भोपाल समेत प्रदेश के करीब डेढ़ दर्जन शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया जा रहा है। भोपाल में करीब 25 वर्षों बाद ऐसा पहली बार हुआ है जब दिसंबर में रात का पारा 10 डिग्री से कम पहुंचा है। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल कड़ाके की सर्दी से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। विभाग का अनुमान है कि 18 दिसंबर के बाद रात के साथ-साथ दिन के तापमान में भी गिरावट देखने को मिल सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि दो पश्चिमी विक्षोभों के सक्रिय होने के चलते 17 दिसंबर से पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी की संभावना बन रही है। इसके बाद बर्फीली हवाएं मध्य प्रदेश की ओर बढ़ेंगी, जिससे प्रदेश में सर्दी का एक और तीखा दौर शुरू हो सकता है। इस दौरान न्यूनतम ही नहीं, बल्कि अधिकतम तापमान में भी कमी दर्ज किए जाने की संभावना है।

FAQs

देश के अलग-अलग हिस्सों में तापमान में उतार-चढ़ाव क्यों देखने को मिल रहा है?

दिसंबर के दौरान सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ, उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाएं और जेट स्ट्रीम के प्रभाव के कारण देश के विभिन्न क्षेत्रों में कहीं तापमान बढ़ रहा है तो कहीं गिरावट दर्ज की जा रही है। यही वजह है कि मौसम में लगातार बदलाव नजर आ रहा है।

दिल्ली-एनसीआर में GRAP-4 क्यों लागू किया गया है?

आने वाले दिनों में किन राज्यों में कोहरे का ज्यादा असर रहेगा?

पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी की संभावना कब तक है?

मध्य प्रदेश और राजस्थान में ठंड और कितनी बढ़ सकती है?

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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