JSSC-JPSC Exam Row: झारखंड हाई कोर्ट में 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने और 23 अन्य की जांच के आदेश देने के राज्य सरकार के फैसले के खिलाफ बुधवार को कई याचिकाएं दाखिल हुईं।
झारखंड हाई कोर्ट (फोटो साभार: https://jharkhandhighcourt.nic.in/)
भर्ती परीक्षाएं रद्द
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार ने मंगलवार को अधिसूचना जारी कर झारखंड लोक सेवा आयोग और एक बाहरी एजेंसी की ओर से आयोजित 22 भर्ती परीक्षाएं रद्द कर दी थीं और 23 अन्य परीक्षाओं की जांच के आदेश दिए थे।
सरकार के फैसले को चुनौती
अवधेश कुमार और अन्य अभ्यर्थियों ने परीक्षा रद्द करने के सरकार के फैसले को चुनौती देते हुए कई याचिकाएं दायर की हैं। इन याचिकाकर्ताओं को आयोग की ओर से आयोजित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में सफल घोषित किया गया था और बाद में सरकारी पदों पर उनकी नियुक्ति भी की गई थी। परीक्षा रद्द करने के बाद इन लोगों को नौकरी गंवाने का खतरा मंडरा रहा है और उन्होंने राहत के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
झारखंड सचिवालय में तनावपूर्ण माहौल
वहीं, झारखंड सचिवालय में बुधवार को उस वक्त तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई जब भर्ती परीक्षाएं रद्द किए जाने के बाद नौकरी से वंचित हुए बड़ी संख्या में सफल अभ्यर्थी निषेधाज्ञा का उल्लंघन करते हुए जबरन सचिवालय परिसर में दाखिल हो गए।
अभ्यर्थी सरकार के उस फैसले का विरोध कर रहे हैं, जिसके तहत झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC), झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) और एक बाहरी एजेंसी द्वारा आयोजित 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द कर दिया गया है। इसके अलावा, 23 अन्य परीक्षाओं की जांच के आदेश दिए गए हैं।
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हालांकि, पुलिस प्रशासन के अनुरोध के बाद परीक्षा रद्द करने का आदेश वापस लेने की मांग कर रहे प्रदर्शनकारी सचिवालय परिसर से बाहर निकल गए। सरकारी विभाग में सहायक अनुभाग अधिकारी (एएसओ) के पद पर नियुक्त चंदन कुमार ने कहा, "हम सोमवार से राज्य सचिवालय के बाहर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन सरकार ने हमारी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया। सरकार की ओर से परीक्षाएं रद्द करने की अधिसूचना जारी किए जाने के बाद, अपनी मांगों को रखने के लिए हमारे पास सचिवालय परिसर में प्रवेश करने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा था।"
