राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने दिल्ली के पुलिस आयुक्त को उस खबर के आधार पर नोटिस जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि तीन अक्टूबर को जंतर-मंतर पर हुए विरोध-प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों ने तीन महिला पत्रकारों का कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया। एनएचआरसी ने बृहस्पतिवार को एक बयान में यह जानकारी दी।
जंतर मंतर पर प्रोटेस्ट (फाइल फोटो)
बयान में कहा गया है कि एनएचआरसी का मानना है कि अगर खबर में दी गई जानकारी सही है, तो यह मानवाधिकारों के उल्लंघन से जुड़े गंभीर मुद्दे उठाती है।
दिल्ली के पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी
आयोग ने कहा कि उसने 'एक मीडिया रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लिया है, जिसमें कहा गया है कि नयी दिल्ली में जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस के कर्मियों ने तीन महिला पत्रकारों का यौन उत्पीड़न किया।' उसने बताया कि दिल्ली के पुलिस कमिश्नर को नोटिस जारी कर इस मामले में दो हफ्ते के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। आयोग ने कहा कि पांच अक्टूबर को प्रकाशित खबर के मुताबिक, नयी दिल्ली जिला पुलिस को कथित घटनाओं के बारे में शिकायतें मिली थीं, जिन्हें जांच के लिए दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा को सौंप दिया गया।
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एनएचआरसी ने एक अलग बयान में कहा कि आयोग ने उस मीडिया रिपोर्ट का स्वत: संज्ञान लिया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि बिहार के दरभंगा जिले के कीरतपुर में एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय की छत का मुख्य खंभा तीन-चार महीने पहले गिर जाने के बाद छत को लकड़ी की बेंच, डेस्क और ईंटों के सहारे 'अस्थायी रूप से टिकाया गया है।'
'स्कूल के लगभग 191 छात्रों और कर्मचारियों की सुरक्षा को खतरा'
उसने कहा कि इससे स्कूल के लगभग 191 छात्रों और कर्मचारियों की सुरक्षा को खतरा है।आयोग ने कहा कि अगर खबर में दी गई जानकारी सही है, तो यह मानवाधिकारों के उल्लंघन से जुड़े गंभीर मुद्दे उठाती है। उसने बताया कि मामले में दरभंगा के जिलाधिकारी को नोटिस जारी कर दो हफ्ते में विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
