पटना/जमुई : जमुई में नाबालिग लड़के और लड़की के साथ कथित बदसलूकी के मामले में पुलिस कार्रवाई के बाद सियासत भी तेज हो गई है। पुलिस ने मंगलवार को मामले के दो प्रमुख आरोपियों नंदन यादव और हरेराम यादव को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया। इस दौरान नंदन के पैर में गोली लगी, जबकि पुलिस के मुताबिक भागने की कोशिश में हरेराम के घुटने में चोट आई। इस कार्रवाई पर विपक्ष की ओर से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के इस्तीफे की मांग की जा रही है। इस बीच सीएम ने कहा कि उनका फोकस सुशासन पर है और अपराधी की कोई जाति नहीं होती। वहीं, जेडीयू विधायक अनंत कुमार सिंह ने भी पुलिस कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि जब भी अपराधी पुलिस को चुनौती देगा, पुलिस उसका जवाब देगी।
सीएम सम्राट चौधरी और अनंत सिंह (फोटो-Facebook)
क्या बोले सम्राट चौधरी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पुलिस कार्रवाई पर कहा, “सुशासन की चिंता रहती है। मैं जाति-धर्म के पीछे नहीं पड़ता। अपराधी अपराधी होता है, कोई जाति नहीं होती। जब भी हमारी पुलिस को अपराधी चैलेंज करेगा तो उसका जवाब देगी हमारी पुलिस सीएम का यह बयान ऐसे समय आया है जब जमुई मामले को लेकर विपक्ष सरकार पर कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सवाल उठा रहा है। आरजेडी नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने घटना के बाद मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की है।
पुलिस ने दो प्रमुख आरोपियों को मुठभेड़ के बाद पकड़ा
मुंगेर क्षेत्र के डीआईजी राकेश कुमार के मुताबिक, नंदन यादव के पैर में गोली लगी है। उसका सहयोगी हरेराम यादव पुलिस से बचकर भागने की कोशिश में घायल हुआ। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
क्या थी घटना
पुलिस के मुताबिक, घटना 19 सितंबर की है। एक ही कोचिंग सेंटर में पढ़ने वाले लड़के और लड़की को एक समूह ने सड़क पर रोक लिया था। आरोप है कि दोनों के साथ बदसलूकी की गई और पूरी घटना का वीडियो बनाया गया। बाद में यह वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
पुलिस ने पहले तीन नाबालिगों को पकड़ा था। मंगलवार की कार्रवाई के बाद इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या पांच हो गई है। पुलिस के मुताबिक, घटना से जुड़े वीडियो और दूसरे साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई।
डीआईजी राकेश कुमार ने बताया कि पुलिस सोमवार से आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही थी। उन्होंने कहा कि दोनों घायल आरोपियों के स्वस्थ होने के बाद पूछताछ की जाएगी और उनके बयानों के आधार पर कुछ और लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है।
वीडियो वायरल होने के बाद सामने आया मामला
पीड़ित लड़के और लड़की की ओर से शुरुआत में पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी। 19 सितंबर को हुई घटना का वीडियो सोमवार को सोशल मीडिया पर सामने आया, जिसके बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया। अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) के. सुहिता अनुपम ने कहा कि घटना गंभीर थी, लेकिन सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर पीड़िता की पहचान उजागर करना भी उतना ही चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि पुलिस जल्द आरोपपत्र दाखिल करने और मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक अदालत में सुनिश्चित करने की दिशा में काम करेगी।
अनंत कुमार सिंह बोले
जमुई मामले को लेकर पटना में जेडीयू विधायक अनंत कुमार सिंह ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि अपराध को जाति के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। उनका कहना था कि पुलिस को चुनौती देने वाले अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इससे पहले तेजस्वी यादव ने कहा था कि अपराधियों की कोई जाति नहीं होती। जमुई मामले के साथ ही बिहार में पुलिस मुठभेड़ों को लेकर जाति आधारित कार्रवाई के आरोपों पर भी राजनीतिक बहस चल रही है। सम्राट चौधरी इससे पहले भी ऐसे आरोपों को खारिज करते हुए कह चुके हैं कि सरकार का जोर कानून-व्यवस्था और सुशासन पर है।
अब जमुई मामले में पुलिस की कार्रवाई के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एक तरफ सरकार इसे अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के तौर पर पेश कर रही है, वहीं विपक्ष कानून-व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठा रहा है। पुलिस की जांच में यह भी स्पष्ट किया जाना बाकी है कि घटना में शामिल सभी लोगों की भूमिका क्या थी और आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई किस आधार पर होगी।
