मानसून के बाद मच्छरों ने बढ़ाई टेंशन, राजस्थान में तेजी से बढ़ रहे मलेरिया-डेंगू के मामले; अस्पताल में मरीजों की भीड़

राजस्थान में मानसून के बाद डेंगू, मलेरिया और स्क्रब टाइफस जैसे मच्छर जनित रोग तेजी से फैल रहे हैं। प्रदेश के 40 जिलों में डेंगू और 37 जिलों में मलेरिया का प्रकोप है। जयपुर, कोटा और अजमेर सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। अब तक कुल 2688 मच्छर जनित मरीज मिले हैं, हालांकि किसी की मौत नहीं हुई है।

Rajasthan News: मानसून की विदाई के साथ ही राजस्थान में मच्छर जनित रोगों का खतरा बढ़ गया है। डेंगू, मलेरिया और स्क्रब टाइफस के मामलों में तेजी से इजाफा हो रहा है, जिसने सरकार और स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। केवल एक महीने में डेंगू के मरीजों की संख्या 13 गुना बढ़ी है। प्रदेश में अब तक कुल 2688 मच्छर जनित रोगी सामने आ चुके हैं।

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मानसून के बाद मच्छर जनित रोगों का खतरा बढ़ा (सांकेतिक फोटो|istock)

जयपुर-कोटा, अजमेर में डेंगू का सबसे ज्यादा असर

स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, डेंगू ने प्रदेश के 40 जिलों में अपना असर दिखाया है, जबकि मलेरिया 37 जिलों में फैल चुका है। जयपुर, कोटा और अजमेर में डेंगू का सबसे अधिक प्रभाव देखने को मिला है। वहीं बाड़मेर, जैसलमेर और उदयपुर में मलेरिया के मामलों में तेजी आई है। चिकनगुनिया के रोगी भी जयपुर, कोटपूतली और कोटा से सामने आ रहे हैं। खासकर जयपुर में स्क्रब टाइफस के 247 मामलों के चलते एसएमएस अस्पताल में इसके लिए अलग ओपीडी शुरू करनी पड़ी है।

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