Jaipur House Collapsed: राजस्थान की राजधानी जयपुर में गुरुवार सुबह एक जर्जर मकान ढह गया, जिससे दो महिलाएं मलबे के नीचे दब गईं। इनमें से एक महिला धन्नीबाई (60) की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं, दूसरी महिला सुनीता (35) के पैर में फ्रैक्चर और चेहरे पर चोटें आईं। यह घटना सुबह 7 बजे सुभाष चौक थाना क्षेत्र में हुई। परिवार के सदस्यों के अनुसार, बचाव दल को इमारत ढहने के तुरंत बाद दुर्घटना की सूचना मिल गई थी, फिर भी वे दुर्घटना के दो घंटे बाद, लगभग 9 बजे सुबह पहुंचे। स्थानीय लोगों ने घायल महिलाओं के रिश्तेदार तरुण महावर को फोन कर घटना की जानकारी दी। हादसे के वक्त मकान में रहने वाले दो बच्चे बाहर खेल रहे थे, इसलिए उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
जयपुर में एक और जर्जर मकान ढहा (प्रतीकात्मक तस्वीर) (फोटो - Canva)
जर्जर इमारतों का केंद्र
न्यूज एजेंसी आईएएनएस के अनुसार, यह इलाका असुरक्षित और जर्जर इमारतों का केंद्र कहा जा रहा है। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले, सुभाष चौक में एक हवेली ढह गई थी, जिसमें एक पिता और बेटी की मौत हुई थी। इस दुखद दुर्घटना के बाद, जयपुर नगर निगम द्वारा 48 जर्जर भवनों की सूची तैयार की थी। इसके अलावा, किशनपोल क्षेत्र में आठ भवनों को सील करने की भी कार्रवाई की गई थी।
हादसे के दौरान घर में थी तीन महिलाएं
हाल ही में हुई इन मौतों ने पुरानी इमारतों की सुरक्षा के प्रति नगरपालिका की प्रतिक्रिया को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। जिस घर में यह हादसा हुआ, उसमें दो महिलाएं और एक नौकरानी रहती थीं। स्थानीय निवासी प्रताप सिंह और घनश्याम सोनी ने बताया कि मलबे में दबने के बाद सुनीता मदद के लिए चिल्ला रही थी, लेकिन तुरंत कोई मदद नहीं मिली।
जर्जर इमारतों के मालिकों को जारी किया गया नोटिस
हवामहल जोन की उपायुक्त सीमा चौधरी ने बताया कि क्षेत्र में सभी जर्जर इमारतों के मालिकों को नोटिस जारी किया गया। साथ ही इन इमारतों का सर्वेक्षण भी कराया जा रहा है। लोगों से असुरक्षित इमारतों को खाली करने की घोषणा की गई है। बचाव कार्यों में देरी और असुरक्षित भवनों की निरंतर उपेक्षा से स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया है, जो आगे की त्रासदियों को रोकने के लिए जयपुर नगर निगम और भवन मालिकों से अधिक जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
(इनपुट - आईएएनएस)
