Jaipur News: राजस्थान की राजधानी जयपुर के चौमूं कस्बे में आधी रात अचानक तनाव की स्थिति बन गई। बस स्टैंड एरिया में एक धार्मिक स्थल के पास से पत्थर हटाने और लोहे की रेलिंग लगाने के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। भीड़ ने पुलिस पर पथराव कर दिया, जिसमें करीब आधा दर्जन पुलिसकर्मी घायल हो गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा। मामला चौमूं की ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने से जुड़ा है। बस स्टैंड क्षेत्र में एक धार्मिक स्थल के पास करीब 45 सालों से सड़क किनारे पत्थर पड़े थे, जिसकी वजह से अक्सर जाम की स्थिति बनती रहती थी। एक दिन पहले ही चौमूं थाना पुलिस और समुदाय के प्रतिनिधियों के बीच बैठक हुई थी, जिसमें आपसी सहमति बनी कि सड़क से पत्थर हटा दिए जाएं।
हिंसा में घायल पुलिसरकर्मी
पत्थर हटाने के बाद रेलिंग लगाने पर विवाद
पत्थर हटाने के बाद समुदाय विशेष के लोगों द्वारा मस्जिद के पास लोहे की रेलिंग लगाकर बाउंड्री का काम शुरू किया गया। इसी दौरान कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों पर पथराव कर दिया। उपद्रवियों के इस पथराव में कई पुलिसकर्मी घायल हुए।
पुलिस ने किया बल प्रयोग
हालात बिगड़ते देख चौमूं, हरमाड़ा, विश्वकर्मा और दौलतपुरा सहित आसपास के कई पुलिस थानों से अतिरिक्त बल मौके पर भेजा गया। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठी चार्ज किया। DCP हनुमान प्रसाद मीणा, ADCP बजरंग सिंह शेखावत, राजेश गुप्ता, ACP उषा यादव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। स्पेशल ऑपरेशन कमिश्नर राहुल प्रकाश और अति. पुलिस कमिश्नर डॉ. राजीव पचार ने भी जाकर मोर्चा संभाला।
इंटरनेट सेवाएं 24 घंटे के लिए बंद
हिंसक घटनाओं के कारण चौमूं बस स्टैंड पूरी तरह से पुलिस छावनी में बदल गया। दंगा नियंत्रण वाहन और अतिरिक्त पुलिस बल इलाके में तैनात रहे। अफवाह फैलने और स्थिति और बिगड़ने से रोकने के लिए प्रशासन ने चौमूं कस्बे में 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं। सेवाएं शुक्रवार सुबह 7 बजे से लेकर शनिवार सुबह 7 बजे तक बंद रहेंगी। इस आदेश को पुलिस कमिश्नर के पत्र और संभागीय आयुक्त पूनम द्वारा जारी आदेश के तहत लागू किया गया।
