Hardoi Flood: उत्तर प्रदेश के हरदोई सहित अन्य जिलों में बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो चुका है। सैकड़ों गांव और खेत खलिहान जलमग्न हो गए हैं। इस बीच, हरदोई के डीएम ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ पूरी स्थिति का निरीक्षण किया। इस दौरान, उन्होंने अधिकारियों को बाढ़ में फंसे लोगों को बचाने के लिए तुरंत कदम उठाने के निर्देश दिए। बाढ़ की वजह से 83 स्कूलों को बंद करने का निर्देश दिए गए हैं। राहत एवं कार्य में तेजी लाने के लिए एसडीआरएफ, पीएसी व राजस्व की टीमें तैनात की गईं हैं।
हरदोई में बाढ़ का कहर
बाढ़ से फसलें भी बर्बाद
बाढ़ ने किसानों की फसलों को भी बर्बाद करके रख दिया है। बाढ़ प्रभावित गांवों के संपर्क मार्ग कट गए हैं। इससे प्रशासनिक अधिकारियों को राहत-सामग्री पहुंचाने में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में बीते दिनों डीएम की अगुवाई में बैठक भी हुई। इसमें राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने के मकसद से पूरी रूपरेखा तैयार की गई, जिसे आगामी दिनों में जमीन पर उतारा जाएगा।
सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे ग्रामीण
आसपास के ग्रामीण अपना जरूरी सामान लेकर सुरक्षित स्थान की तलाश कर रहे हैं। बाढ़ की वजह से बिजली आपूर्ति में बाधा पैदा हो रही है। लोगों को अपने रोजमर्रा के काम करने में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बाढ़ से प्रभावित लोग प्रशासनिक अधिकारियों से बस यही गुहार लगा रहे हैं कि कैसे भी जल्द से जल्द उन्हें इस नर्क से बचाएं।
गर्रा नदी का जलस्तर बढ़ा
हरदोई की गर्रा नदी का जलस्तर बाढ़ की वजह से बढ़ गया है। हरदोई के चार तहसील और कई गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। हरदोई के पाली और शाहबाद संपर्क मार्ग भी पानी में बह गए हैं। इससे प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्य करने में काफी परेशानी हो रही है। नाव की व्यवस्था भी अब तक प्रशासन की ओर से नहीं हो पाई है जिससे लोगों को बचाया जा सके।
