ग्रेटर नोएडा में पहला फ्लाईओवर और अंडरपास बनाया जा रहा है। तिलपता से मकौड़ा गोलचक्कर के बीच 130 मीटर रोड पर 2.5km लंबा फ्लाईओवर का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसके अगले छह महीनों में पूरा होने की उम्मीद है। इस फ्लाईओवर और अंडरपास को जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट और नोएडा-गाजियाबाद को नॉन स्टॉप ट्रैफिक सिस्टम को मेनटेन करने के लिए बनाया जा रहा है। इसी के जरिए दादरी-मुंबई मालवाहक रेलवे गलियारा और 130 मीटर एक्सप्रेस-वे रूट एक दूसरे को पार करेंगे। इसके बन जाने से नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीज आने-जाने वाली गाड़ियां बिना किसी असुविधा के चलाई जा सकेंगी। इसका निर्माण डेडिकेटेड फ्रेड कॉरिडोर कॉरपोरेशन (डीएफसीसी) करवा रहा है। आपको बता दें कि यह जिले में डीएफसीसी के दादरी-मुंबई बेस्टर्न रेल कॉरिडोर का 17km हिस्सा है, जिस पर निर्माण कार्य किया जा रहा है।
ग्रेटर नोएडा का पहला फ्लाईओवर
ग्रेटर नोएडा में बन रहा यह लंबा फ्लाईओवर अगले छह महीने में बनकर तैयार हो जाएगा। इसके निर्माण में तेजी लाने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा ने अपने हिस्से के 51 करोड़ रुपये और जारी कर दिए गए हैं। दादरी से मुंबई तक बन रहा डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (रेल मार्ग) तिलपता गोलचक्कर के बीच 130 मीटर रोड को पार कर रहा है।
दिल्ली -नोएडा को होगा फायदा
जमीन पर बने रहे इस कॉरिडोर से गाड़ियों को आने -जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। जिस कारण यहां ट्रैफिक का भी काफी दबाव बना रहता है। यातायात की इस परेशानी को ध्यान में रखकर ही इस फ्लाईओवर का निर्माण कराया जा रहा है। जिसके लिए यहं अंडरपास की सुविधा भी मुहैया कराई जाएगी,जो बनकर तैयार हो चुका है। 2.5 किलोमीटर लंबे इस फ्लाईओवर के चालू होने पर दिल्ली और नोएडा की ओर जा रहे वाहनों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा। साथ ही इस रास्ते से नोएडा एयरपोर्ट पहुंचना भी काफी आसान हो जाएगा। इसका निर्माण डेडिकेटेड फ्रेड कॉरिडोर कॉरपोरेशन (डीएफसीसी) करवा रहा है।
अगेल 6 महीने में बनकर तैयार होगा फ्लाईओवर
नोएडा प्राधिकरण में विकास कार्यों को देखने आए प्रदेश के औद्योगिक विकास आयुक्त और प्राधिकरण के चेयरमैन मनोज कुमार सिंह ने इन साइट का निरीक्षण भी किया था। जहां उन्होंने निर्माण कार्य कर रहे एजेंसी से प्रगति रिपोर्ट ली और इसके साथ ही निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए थे। अधिकारियों ने अगले छह माह में निर्माण पूरा करने की बात कही है।
आधुनिक तकनीकों से हो रहा तैयार
इस फ्लाईओवर की खास बात यह है कि यह ग्रेटर नोएडा का पहला फ्लाईओवर है। इस केवल 16 पिलर पर तैयार किया जाएगा। इन कुल 64 गार्डर रखे गए हैं। इस फ्लाईओवर पर इस्तेमाल होने वाली तकनीक भी काफी आधुनिक है। इसका निर्माण डेडिकेटेड फ्रेड कॉरिडोर कॉरपोरेशन (डीएफसीसी) करवा रहा है। आपको बता दें कि यह जिले में डीएफसीसी के दादरी-मुंबई बेस्टर्न रेल कॉरिडोर का 17km हिस्सा है, जिस पर निर्माण कार्य किया जा रहा है।
डीएफसीसी करा रही निर्माण
आपको बता दें कि दादरी-मुंबई रेलवे फ्रेट कॉरिडोर तिलपता गोल चक्कर और मकौड़ा गोल चक्कर के बीस 130 मीटर एक्सप्रेस-वे को पार कर रहा है। ऐसे में डीएफसीसी से ट्रैफिक को मैनेज करने के लिए इस फ्लाईओवर को बनाने का फैसला लिया था। जिससे की यहां से गुजरने वाले वाहन बिना किसी अवरोध के आसानी से निकल सकें।
