जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के मुख्य सुरक्षा अधिकारी की शिकायत के आधार पर दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस के लोकसभा सांसद और JNU के प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजम के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। यह मामला 11 अक्टूबर 2026 को वसंत कुंज नॉर्थ पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है। इसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की यौन उत्पीड़न और महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने से संबंधित धाराएं लगाई गई हैं।
कांग्रेस सांसद व प्रोफेसर बिमोल अकोइजम के खिलाफ दिल्ली में केस दर्ज (फोटो- संसद टीवी)
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किन धाराओं में दर्ज हुई FIR?
पुलिस के अनुसार, यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 75, 75(1)(i), 75(1)(iv) और 79 के तहत दर्ज किया गया है। पुलिस वर्तमान में शिकायत में लगाए गए आरोपों और एफआईआर के विवरण के आधार पर मामले की गहन छानबीन कर रही है।
BNS की धारा 75 यौन उत्पीड़न से संबंधित है। इसके दायरे में अवांछित शारीरिक संपर्क या यौन संबंध बनाने की कोशिश, यौन अनुग्रह की मांग, महिला की इच्छा के विरुद्ध अश्लील सामग्री दिखाना और यौन संकेत वाली टिप्पणियां करना जैसे कृत्य शामिल हैं। वहीं, धारा 79 महिला की गरिमा का अपमान करने के इरादे से शब्दों, इशारों या किसी अन्य कृत्य से संबंधित है।
यौन उत्पीड़न के आरोपों के बीच कार्रवाई
यह घटनाक्रम अकोइजम को लेकर चल रहे विवाद के बीच सामने आया है। जानकारी के अनुसार जेएनयू की 11 छात्राओं की ओर से लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों की आंतरिक जांच के बाद शुक्रवार को उन्हें JNU में प्रोफेसर के पद से बर्खास्त कर दिया गया था।
अकोइजम लोकसभा में मणिपुर की इनर मणिपुर सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। हालांकि, FIR में दर्ज आरोपों के संबंध में पुलिस की ओर से फिलहाल विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। मामले की जांच जारी है और आरोपों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों से ही हो सकेगी।
