Bihar EOU Raid: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ आर्थिक अपराध शाखा (EOU) ने बड़ी कार्रवाई की है। योजना एवं विकास विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर नारद कुमार दास के कई ठिकानों पर EOU की टीम ने एक साथ छापेमारी की है। मुजफ्फरपुर, भागलपुर, मुंगेर और पटना समेत कुल पांच ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
इंजीनियर नारद कुमार दास के 5 ठिकानों पर छापेमारी
सुबह 7 बजे से चल रही तलाशी
मुजफ्फरपुर के काजी मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र स्थित राधिका अपार्टमेंट के सेकेंड फ्लोर के F अपार्टमेंट में EOU की टीम सुबह करीब 7 बजे से तलाशी ले रही है। कार्रवाई के दौरान काजी मोहम्मदपुर थाने की पुलिस भी मौके पर मौजूद है। तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी, दस्तावेज और जेवरात मिलने की खबर सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, अब तक करीब 50 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं। हालांकि, EOU की ओर से बरामदगी की कोई आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है।
नकदी गिनने के लिए मंगाई गई मशीन
सूत्रों के अनुसार, बरामद नकदी की गिनती के लिए मशीन मंगाई गई है। वहीं, जेवरात का वजन करने के लिए स्थानीय पुलिस एक आभूषण दुकानदार को इलेक्ट्रॉनिक तराजू के साथ मौके पर लेकर पहुंची है। EOU की टीम दस्तावेजों और संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।
मुंगेर स्थित आवास पर भी छापेमारी
नारद कुमार दास वर्तमान में मुंगेर में पदस्थापित हैं और कासिम बाजार थाना क्षेत्र में किराए के मकान में रहते हैं। वह मूल रूप से भागलपुर के निवासी बताए जा रहे हैं। EOU की टीम ने मुंगेर में उनके आवास पर भी तलाशी अभियान चलाया। इसके अलावा भागलपुर और पटना समेत अन्य ठिकानों पर भी एक साथ कार्रवाई की जा रही है।
आय से अधिक संपत्ति का आरोप
प्राथमिक जांच के आधार पर EOU को अंदेशा है कि नारद कुमार दास के पास उनकी ज्ञात और वैध आय से 83 लाख 53 हजार 200 रुपये अधिक की संपत्ति है। यह राशि उनकी ज्ञात कानूनी आय से करीब 64.93 प्रतिशत अधिक बताई गई है। इसी आधार पर आर्थिक अपराध इकाई ने पटना स्थित विशेष न्यायालय, निगरानी से सर्च वारंट हासिल किया था।
अपार्टमेंट के बाहर जुटी लोगों की भीड़
मुजफ्फरपुर में छापेमारी की जानकारी मिलने के बाद राधिका अपार्टमेंट के बाहर स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। छापेमारी के दौरान सभी संबंधित ठिकानों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। EOU की टीम फिलहाल नकदी, जेवरात, दस्तावेज और अन्य संपत्तियों से जुड़े रिकॉर्ड की बारीकी से जांच कर रही है।
