दिल्ली नोएडा डायरेक्ट (DND) फ्लाइवे को को 18 मार्च तक के लिए बंद करने का फैसला किया गया है। अगर आप DND का इस्तेमाल करके दिल्ली से नोएडा आते-जाते हैं तो इसका असर आप पर भी पड़ सकता है। हालांकि, इसका असर आप पर बहुत कम ही पड़ेगा और परेशानी कम से कम होगी। अगर बंद करने का निर्णय लिया गया है तो DND का इस्तेमाल करने वाले लोगों पर असर क्यों नहीं पड़ेगा, चलिए आगे जानते हैं।
DND को 18 मार्च तक रात 11 से सुबह 6 बजे तक रखा जा रहा बंद
दिल्ली और नोएडा को जोड़ने वाली अहम कड़ी माने जाने वाले डीएनडी फ्लाईवे को रविवार 22 फरवरी से ही बंद किया जा रहा है। अगर इसका असर आप पर नहीं पड़ा है तो, आगे भी नहीं पड़ेगा। DND पर बड़े पैमाने पर मरम्मत और रीसरफेसिंग का काम शुरू हो गया है, जो 18 मार्च तक जारी रहेगा। यह कार्य सड़क के दूसरे चरण की मरम्मत परियोजना के तहत किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार इस दौरान नोएडा से दिल्ली की ओर जाने वाला यातायात प्रभावित रहेगा।
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हालांकि, इसका बहुत कम असर ही यहां से गुजरने वाले आम ट्रैफिक पर पड़ेगा। क्योंकि मरम्मत का काम रात 11 बजे से सुबह 6 बजे तक ही किया जा रहा है। दिन के समय यातायात सुचारू रूप से जारी है। इस काम का असर यहां के ट्रैफिक पर कम से कम पड़े, इसीलिए रात के समय काम करने का निर्णय लिया गया है। इसके बावजूद देर रात और तड़के सुबह दिल्ली, खासकर IGI एयरपोर्ट की ओर जाने वाले यात्रियों को देरी का सामना करना पड़ सकता है। ट्रैफिक पुलिस ने यात्रियों को अतिरिक्त समय लेकर निकलने और वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी है।
निर्धारित समय के दौरान नोएडा से दिल्ली जाने वाले वाहनों को डीएनडी मार्ग पर एंट्री नहीं दी जा रही है। ऐसे में यातायात को चिल्ला बॉर्डर के रास्ते डायवर्ट किया जा रहा है। महमाया फ्लाईओवर के पास नोएडा एक्सप्रेसवे से आने वाले वाहन, जो सामान्य रूप से डीएनडी का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें दलित प्रेरणा स्थल की ओर मोड़कर चिल्ला के रास्ते दिल्ली भेजा जा रहा है। सेक्टर-16 और रजनीगंधा चौक से आने वाले वाहनों को यू-टर्न लेकर वैकल्पिक मार्ग अपनाना होगा।
फ्लाईवे का रखरखाव करने वाली कंपनी नोएडा टोल ब्रिज कंपनी लिमिटेड (NTBCL) इस काम को अंजाम दे रही है। कंपनी के अनुसार बिटुमन आधारित सड़क निर्माण के लिए अनुकूल तापमान और सामग्री की नियमित उपलब्धता जरूरी होती है। सर्द मौसम और प्रदूषण नियंत्रण प्रतिबंधों के कारण पहले काम में देरी हुई थी। अब तक लगभग 70 प्रतिशत रीसरफेसिंग पूरी हो चुकी है और बाकी काम को भी तेजी से किया जा रहा है।
फरवरी 2001 में शुरू हुआ 9.2 किलोमीटर लंबा, आठ लेन वाले इस फ्लाईवे से रोजाना करीब ढाई लाख यात्री दिल्ली और नोएडा के बीच सफर करते हैं। बता दें कि साल 2016 में कोर्ट के आदेश के बाद टोल वसूली बंद कर दी गई थी, जिसे दिसंबर 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने भी सही माना। इसके बावजूद रखरखाव की जिम्मेदारी NTBCL के पास है। मार्च तक इस पूरे कॉरिडोर को पूरी तरह से अपग्रेड करने का लक्ष्य रखा गया है।
