देश में इन दिनों ICC Men's T20 World Cup का खुमार चढ़ा हुआ है। भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में दुनियाभर की टीमें T20 वर्ल्ड कप के लिए भिड़ रही हैं। आज यानी गुरुवार 12 फरवरी को मौजूदा चैंपियन भारत का मुकाबला नामीबिया से है। आज का यह मुकाबला दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेला जा रहा है। बता दें कि दिल्ली में यह इकलौता अंतरराष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट स्टेडियम है, लेकिन अब दिल्ली में जल्द ही एक और स्टेडियम बनने जा रहा है। चलिए जानते हैं इसके बारे में सब कुछ -
70 हजार दर्शकों की क्षमता वाला स्टेडियम बनेगा
देश की राजधानी दिल्ली में 60 से 70 हजार दर्शकों के बैठने की क्षमता वाला नया अतंरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम बनाने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है। दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघन (DDCA) को उम्मीद है कि इस साल के अंत तक राजधानी में स्टेडियम निर्माण के लिए जमीन आवंटित हो सकती है। इस महत्वकांक्षी परियोजना को लेकर DDCA की दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार दोनों के साथ बातचीत हो रही है।
दिल्ली में कहां बनेगा नया स्टेडियम?
DDCA के अध्यक्ष रोहन जेटली के अनुसार दिल्ली में प्रस्तावित स्टेडियम में तमाम विश्वस्तरीय सुविधाएं होंगी। इस स्टेडियम में आने पर दर्शक बेहतर अनुभव करेंगे। उनके अनुसार इस नए स्टेडियम के लिए ओखला, द्वारका, रोहिणी और नरेला के साथ ही दिल्ली के कुछ अन्य इलाकों में भी जमीन की तलाश की जा रही है। हालांकि, यह भी साफ है कि स्टेडियम के लिए अंतिम चयन ऐसी जगह का होगा, जहां मेट्रो और रोड कनेक्टिविटी बेहतर होगी। यह ऐसी जगह होगी, जहां पर होटल और अस्पताल जैसी सुविधाएं भी आसपास ही उपलब्ध हों।
सीएम रेखा गुप्ता की ICC चेयरमैन से हुई बात
DDCA ने जमीन आवंटन के लिए दिल्ली की मुख्यमंत्री कार्यालय और केंद्र सरकार को चिट्ठी लिखी है। यही नहीं, हाल ही में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) चेयरमैन जय शाह और रोहन जेटली के बीच इस क्रिकेट स्टेडियम को लेकर बात भी हुई है। रोहन जेटली के मुताबिक, दोनों ही नेताओं ने दिल्ली में आधुनिक क्रिकेट स्टेडियम बनाने के लिए रुचि दिखाई है।
क्रिकेट अकेडमी भी बनाई जाएगी
दिल्ली में प्रस्तावित इस नए स्टेडियम के साथ एक क्रिकेट अकेडमी भी बनाई जाएगी। इसके अलावा ट्रेनिंग ग्राउंड और कई प्रैक्टिस नेट्स भी डेवलप किए जाएंगे। डीडीए को इस नए प्रस्तावित स्टेडियम के लिए 45 एकड़ जमीन की जरूरत है, ताकि मुख्य स्टेडियम के साथ ही अतिरिक्त ग्राउंड भी तैयार किए जा सकें।
अरुण जेटली स्टेडियम की सीमाएं
दिल्ली में अभी मौजूदा अरुण जेटली स्टेडियम की अपनी कुछ सीमाएं हैं, इसकी क्षमता को बढ़ाया नहीं जा सकता है। स्टेडियम में 35 हजार दर्शकों के बैठने की क्षमता है। इसके एक तरफ अंबेडकर स्टेडियम और दूसरी तरफ फिरोजशाह कोटला किला मौजूद है। इसकी वजह से इस स्टेडियम का विस्तार नहीं किया जा सकता है। DDCA ने साप किया है कि नया स्टेडियम बनने के बाद भी अरुण जेटली स्टेडियम में अंतरराष्ट्रीय मैचों का आयोजन होता रहेगा।
पहले भी आया नया स्टेडियम बनाने का प्रस्ताव
बता दें कि इससे पहले साल 2002-03 में स्पोर्ट्स सिटी के तहत नए स्टेडियम का प्रस्ताव रखा गया था। लेकिन उस समय यह योजना आगे नहीं बढ़ पायी थी। अब एक बार फिर से दिल्ली में आधुनिक और बड़े क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण की दिशा में कोशिशें तेज हुई हैं। अब देखना होगा कि यह कोशिशें इस बार परवान चढ़ती हैं या फिर से योजना ठंडे बस्ते में चली जाती है।
