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दीवार फांदकर जंतर-मंतर में घुसे थे आशुतोष रांका-सौरव दास, केस दर्ज; महिला पुलिसकर्मी से मारपीट मामले में भी एक्शन

आरोप है कि सौरभ दास, आशुतोष रांका और अन्य लोग जंतर-मंतर के पते नंबर-7 में पीछे की ओर से कथित तौर पर अवैध तरीके से दाखिल हुए और दीवार फांदकर जंतर-मंतर पहुंचे।

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CJP नेता आशुतोष रांका और सौरव दास के खिलाफ केस दर्ज (फोटो-PTI)

दिल्ली : दिल्ली में जंतर-मंतर और कनॉट प्लेस में हुए विरोध प्रदर्शन से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में पुलिस कार्रवाई सामने आई है। जंतर-मंतर स्थित एक पते पर कथित तौर पर अवैध रूप से प्रवेश करने के आरोप में दिल्ली पुलिस ने सौरभ दास, आशुतोष रांका और अन्य के खिलाफ ट्रेसपासिंग समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया है। वहीं, कनॉट प्लेस में प्रदर्शन के दौरान बस के भीतर एक महिला पुलिसकर्मी और महिला प्रदर्शनकारी के बीच हुई मारपीट के मामले में पुलिसकर्मी ने शिकायत दर्ज कराई है।

दरअसल, दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर क्षेत्र में बिना अनुमति के प्रवेश करने के आरोप में कॉकरोच जनता पार्टी CJP) के नेताओं सौरव दास, आशुतोष रांका और अन्य के खिलाफ एफआईआर (प्राथमिकी) की है। प्राथमिकी में रांका और दास द्वारा पहले प्रस्तुत किए गए शांति बॉण्ड का उल्लंघन करने से संबंधित धाराएं भी शामिल हैं। कार्यकर्ताओं ने भारी बैरिकेडिंग को भेदते हुए जंतर मंतर पर प्रवेश किया और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाए। पुलिस ने हाल में जंतर मंतर को धरना-प्रदर्शन के निर्धारित स्थलों की सूची से बाहर कर दिया है।

निषेधाज्ञा का उल्लंघन कर कथित तौर पर क्षेत्र में प्रवेश करने और कुमार के खिलाफ नारेबाजी करने के बाद दास, रांका और कॉजपा के कुछ अन्य सदस्यों को मंगलवार तड़के हिरासत में ले लिया गया। संगठन के अनुसार, दास, रांका और अजिंक्य शिंदे सहित उसके लगभग 11 सदस्यों को हिरासत में लिया गया। हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को द्वारका जिले के जाफरपुर कलां थाना ले जाया गया। कॉजपा के कुछ कार्यकर्ताओं के वहां एकत्र होने के बाद थाने और उसके आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई।

सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने इस कार्रवाई को जंतर-मंतर पर पुनः अधिकार करने के रूप में वर्णित किया और दावा किया कि जंतर मंतर को धरने के लिए निर्धारित स्थल के रूप से हटाने से संगठन का आंदोलन जारी रखने का इरादा कमजोर नहीं होगा। इससे पहले, दीपके, दास और रांका को शनिवार को एक उड़ान से दिल्ली पहुंचने के बाद पुलिस कर्मियों ने विमान के अंदर से हिरासत में ले लिया था। पुलिस ने यह कार्रवाई सीईसी कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर मंतर पर संगठन द्वारा आहूत प्रदर्शन के मद्देनजर किए गए व्यापक सुरक्षा उपायों के तहत की थी। हालांकि उन्हें एक दिन बाद इस शर्त पर रिहा कर दिया गया कि वे एक साल तक "शांति भंग नहीं करेंगे"। हालांकि, कॉजपा नेताओं ने सीईसी के इस्तीफा देने तक अपना आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया।

दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने 11 अक्टूबर को एक स्थायी आदेश जारी कर रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और सीबीडी मैदान को विरोध प्रदर्शन और प्रदर्शनों के लिए नया निर्धारित स्थल घोषित किया है। कॉजपा ने कहा कि यह घोषणा 12 अक्टूबर को की गई जब उसके प्रतिनिधियों ने जंतर-मंतर पर अपने प्रस्तावित शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए तारीख और समय मांगने के लिए संसद मार्ग थाने का रुख किया था।

महिला पुलिसकर्मी से मारपीट का आरोप

दूसरा मामला कनॉट प्लेस में प्रदर्शन के दौरान बस के भीतर हुई कथित मारपीट से जुड़ा है। दिल्ली पुलिस की एक महिला पुलिसकर्मी ने आरोप लगाया है कि ड्यूटी के दौरान उसके साथ मारपीट और बदसलूकी की गई। इस मामले में उसने कनॉट प्लेस थाने में शिकायत दी है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, घटना के बाद घायल महिला पुलिसकर्मी का मेडिकल कराया गया है और वह फिलहाल अस्पताल में भर्ती है। सूत्रों का कहना है कि पुलिसकर्मी की शिकायत पर एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है।

दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान महिला पुलिसकर्मी के साथ मारपीट की जा रही थी और उसके पास खुद का बचाव करने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। सूत्रों के मुताबिक, प्रदर्शनकारी के पास शांत रहने का विकल्प था। दोनों मामलों में पुलिस की कार्रवाई अलग-अलग शिकायतों के आधार पर की जा रही है।

Anuj Mishra
अनुज मिश्राauthor

अनुज मिश्रा भारत के अग्रणी क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव पत्रकारों में से एक हैं। वह वर्तमान में टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। पिछले करीब दो दशकों से अनुज मिश्रा ने अपराध, आंतरिक सुरक्षा और संगठित अपराध से जुड़े मामलों की गहन रिपोर्टिंग और संपादकीय नेतृत्व किया है। उन्होंने सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग, एनआईए और खुफिया एजेंसियों से संबंधित बड़ी और संवेदनशील खबरों को नज़दीकी से कवर किया है। अनुज मिश्रा की सबसे बड़ी ताक़त उनकी ग्राउंड रिपोर्टिंग है। हर बड़ी और अहम खबर में वह ग्राउंड ज़ीरो पर मौजूद रहकर घटनाओं की प्रत्यक्ष कवरेज करते रहे हैं। यही कारण है कि उनकी रिपोर्टिंग में जमीनी सच्चाई और तथ्य हमेशा साफ़ झलकते हैं। टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ने से पहले अनुज मिश्रा देश के कई बड़े टेलीविज़न न्यूज़ चैनलों के साथ काम कर चुके हैं, जहां उन्होंने अपनी पत्रकारिता और एडिटोरियल स्किल्स से अलग पहचान बनाई। अनुज ने न केवल देश-विदेश की बड़ी खबरों को जनता तक पहुँचाया है, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति और सत्ता गलियारों से जुड़े घटनाक्रमों पर भी पैनी नज़र रखी है। उनकी पत्रकारिता शैली तथ्यपरक, इन्वेस्टिगेटिव और जमीनी हकीकत पर आधारित मानी जाती है। उन्होंने आतंकवाद, संगठित अपराध, ड्रग्स सिंडिकेट, हाई-प्रोफाइल जांच और सियासी घटनाक्रमों पर कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स की हैं, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।

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