दिल्ली में नवजात बच्चों की अवैध खरीद-फरोख्त करने वाले एक बड़े बाल तस्करी गिरोह का खुलासा हुआ है। पुलिस ने इस मामले में 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें गिरोह की कथित सरगना एक महिला भी शामिल बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, महिला खुद को डॉक्टर बता रही थी और एक नर्सिंग होम चलाती है। हालांकि पुलिस उसके शैक्षणिक और पेशेवर दस्तावेजों की जांच कर रही है।
सांकेतिक फोटो
बच्चों के डॉक्यूमेंट्स में करते थे हेर-फेर
पुलिस जांच के दौरान पता चला कि यह गिरोह अलग-अलग राज्यों से नवजात बच्चों को लाकर उनके जन्म के दस्तावेजों में हेर-फेर करता था। जिसके बाद इन बच्चों को लाखों रुपये में इच्छुक दंपतियों को बेच देता था। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 5 नवजात बच्चों को सुरक्षित बरामद कर लिया है। जिनमें एक चार महीने का, दो 27 दिन के, एक 20 दिन का और एक मात्र पांच दिन का नवजात शिशु शामिल है।
दिल्ली और राजस्थान से आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों को दिल्ली और राजस्थान से गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला है कि कुछ बच्चों को हरियाणा में भी बेचा गया था। जांच एजेंसियों को अब तक मिले सबूतों से यह आशंका जताई जा रही है कि इस नेटवर्क के जरिए 20 से अधिक नवजात बच्चों की तस्करी की गई है। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क के अंतरराज्यीय संबंधों, दस्तावेजों में की गई हेराफेरी और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की जांच में जुटी हुई है।
हापुड़ से भी पकड़ा गया था एक गिरोह
इससे पहले यूपी के हापुड़ जिले से भी पुलिस ने एक किशोर को बरामद करते हुए बाल तस्करी में शामिल एक गिरोह का खुलासा किया था। जिसमें चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कियाथा। अधिकारियों का कहना है कि बच्चों की तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान जारी रहेगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
