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कब शुरू होगा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने दिया जवाब

देश की राजधानी दिल्ली और उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के बीच दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का काम पूरा होने का इंतजार सभी को है। मार्च 2024 तक इसका काम पूरा हो जाना चाहिए था। लेकिन अब केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बता दिया है कि इस महत्वपूर्ण एक्सप्रेसवे का काम कब पूरा होगा।

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कब तक पूरा होगा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का काम? (Photo - DetoxTraveller)

Photo : Twitter

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे (Delhi-Dehradun Expressway) का काम पूरा होने और इसके आम जनता के लिए खुलने का इंतजार तो हर किसी को है। लेकिन इसका काम कब पूरा होगा, यह जवाब कहीं से नहीं मिल रहा। आखिरकार अब स्वयं सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इसका जवाब दिया है। तो चलिए जानते हैं कि नितिन गडकरी ने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को लेकर क्या बात कही।

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कल यानी बुधवार 23 जुलाई को राज्यसभा में इस संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दिल्ली-देहरादून एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे अक्टूबर 2025 तक पूरा हो जाएगा। बताया गया कि इस प्रोजेक्ट की कीमत पैसों में ही नहीं, बल्कि पर्यावरण के नुकसान के रूप में भी चुकाई गई है। उन्होंने बताया कि 17 हजार 913 पेड़ों को या तो काटा गया है या उन्हें कहीं अन्य जगहों पर स्थानांतरित किया गया है।

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, पूर्वी दिल्ली में अक्षरधाम मंदिर के पास से शुरू होकर उत्तर प्रदेश में बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर होते हुए देहरादून तक बनाया जा रहा है। इससे देश की राजधानी दिल्ली से देहरादून तक आने-जाने का समय मौजूदा 5-6 घंटे से घटकर 2.5 घंटे तक हो जाएगा। यानी दोनों शहरों के बीच आधे समय में यह सफर पूरा हो जाएगा। इससे पूर्वी दिल्ली के कई हिस्सों में ट्रैफिक भी कम होगा।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यसभा में बताया कि इस प्रोजेक्ट को 11 हजार 868.6 करोड़ की लागत से बनाया जा रहा है। इस एक्सप्रेसवे पर गाड़ियों की स्पीड लिमिट 100 किमी प्रति घंटा रहेगी। यही नहीं बताया गया कि एक्सप्रेसवे निर्माण के दौरान पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति के लिए 157.2 हेक्टेयर भूमि पर पुनर्वनीकरण यानी जंगल उगाया गया है। इस कार्य पर 22.05 करोड़ रुपये खर्च किया गया है। इसके अलावा NHAI ने हाईवे के किनारे 50 हजार, 600 पौधों की रोपाई की जा रही है। यही नहीं शिवालिक और देहरादून के वन क्षेत्रों की पारिस्थितिकी को हुए नुकसान की भरपाई के लिए 40 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।

केंद्रीय मंत्री ने आश्वासन दिया कि इस परियोजना के दौरान भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में इसकी रोकथाम के लिए उचित उपाय अपनाए जा रहे हैं। यह उपाय इंडियन रोड कांग्रेस (IRC) के दिशा-निर्देशों के अनुसार हैं।

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर हरियाली और जलवायु का खास ध्यान रखा गया है। इसके लिए NHAI ने पिछले ही महीने 40 हजार पेड़ लगाने की योजना पर अमल शुरू किया था। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को मार्च 2024 में बनकर तैयार हो जाना था, लेकिन इसमें विभिन्न कारणों से देरी होती चली गई। अब केंद्रीय मंत्री के अनुसार अक्टूबर 2025 तक इसका काम पूरा हो जाएगा।

इस एक्सप्रेसवे को ट्रैफिक और यात्रा की दृष्टि क्रांतिकारी माना जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के दौरान पेड़ों की कटाई निश्चित तौर पर चिंता का विषय है। लेकिन सरकार की तरफ से पुनर्वनीकरण और यहां के पारिस्थितिकी को बचाने के प्रयास अच्छे हैं। इस एक्सप्रेसवे को भारत में बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में अहम माना जा रहा है। यह न सिर्फ दोनों शहरों के बीच यात्रा के समय को घटाएगा, बल्कि पर्यटन को भी एक नया आयाम देगा।

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Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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