दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे (Delhi-Dehradun Expressway) का काम पूरा होने और इसके आम जनता के लिए खुलने का इंतजार तो हर किसी को है। लेकिन इसका काम कब पूरा होगा, यह जवाब कहीं से नहीं मिल रहा। आखिरकार अब स्वयं सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इसका जवाब दिया है। तो चलिए जानते हैं कि नितिन गडकरी ने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को लेकर क्या बात कही।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कल यानी बुधवार 23 जुलाई को राज्यसभा में इस संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दिल्ली-देहरादून एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे अक्टूबर 2025 तक पूरा हो जाएगा। बताया गया कि इस प्रोजेक्ट की कीमत पैसों में ही नहीं, बल्कि पर्यावरण के नुकसान के रूप में भी चुकाई गई है। उन्होंने बताया कि 17 हजार 913 पेड़ों को या तो काटा गया है या उन्हें कहीं अन्य जगहों पर स्थानांतरित किया गया है।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, पूर्वी दिल्ली में अक्षरधाम मंदिर के पास से शुरू होकर उत्तर प्रदेश में बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर होते हुए देहरादून तक बनाया जा रहा है। इससे देश की राजधानी दिल्ली से देहरादून तक आने-जाने का समय मौजूदा 5-6 घंटे से घटकर 2.5 घंटे तक हो जाएगा। यानी दोनों शहरों के बीच आधे समय में यह सफर पूरा हो जाएगा। इससे पूर्वी दिल्ली के कई हिस्सों में ट्रैफिक भी कम होगा।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यसभा में बताया कि इस प्रोजेक्ट को 11 हजार 868.6 करोड़ की लागत से बनाया जा रहा है। इस एक्सप्रेसवे पर गाड़ियों की स्पीड लिमिट 100 किमी प्रति घंटा रहेगी। यही नहीं बताया गया कि एक्सप्रेसवे निर्माण के दौरान पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति के लिए 157.2 हेक्टेयर भूमि पर पुनर्वनीकरण यानी जंगल उगाया गया है। इस कार्य पर 22.05 करोड़ रुपये खर्च किया गया है। इसके अलावा NHAI ने हाईवे के किनारे 50 हजार, 600 पौधों की रोपाई की जा रही है। यही नहीं शिवालिक और देहरादून के वन क्षेत्रों की पारिस्थितिकी को हुए नुकसान की भरपाई के लिए 40 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।
केंद्रीय मंत्री ने आश्वासन दिया कि इस परियोजना के दौरान भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में इसकी रोकथाम के लिए उचित उपाय अपनाए जा रहे हैं। यह उपाय इंडियन रोड कांग्रेस (IRC) के दिशा-निर्देशों के अनुसार हैं।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर हरियाली और जलवायु का खास ध्यान रखा गया है। इसके लिए NHAI ने पिछले ही महीने 40 हजार पेड़ लगाने की योजना पर अमल शुरू किया था। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को मार्च 2024 में बनकर तैयार हो जाना था, लेकिन इसमें विभिन्न कारणों से देरी होती चली गई। अब केंद्रीय मंत्री के अनुसार अक्टूबर 2025 तक इसका काम पूरा हो जाएगा।
इस एक्सप्रेसवे को ट्रैफिक और यात्रा की दृष्टि क्रांतिकारी माना जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के दौरान पेड़ों की कटाई निश्चित तौर पर चिंता का विषय है। लेकिन सरकार की तरफ से पुनर्वनीकरण और यहां के पारिस्थितिकी को बचाने के प्रयास अच्छे हैं। इस एक्सप्रेसवे को भारत में बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में अहम माना जा रहा है। यह न सिर्फ दोनों शहरों के बीच यात्रा के समय को घटाएगा, बल्कि पर्यटन को भी एक नया आयाम देगा।
देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। शहर (Delhi News) अपडेट और चुनाव (Elections) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से।
